‘बाघ नख’ की ताकत के साथ उतरेगा INS मालवन: भारतीय नौसेना ने जारी किया नया क्रेस्ट, जानिए क्यों चुना यह ऐतिहासिक प्रतीक
साहस, फुर्ती और निडरता का प्रतीक है ‘बाघ नख’; समुद्री सीमाओं पर दुश्मन को देगा कड़ी शिकस्त
छत्रपति शिवाजी महाराज की युद्ध रणनीति से प्रेरित है नया प्रतीक-चिह्न
नौसेना ने साफ किया- यह बदलाव पूरी नेवी के लिए नहीं, बल्कि केवल आईएनएस मालवन की विशिष्ट पहचान के लिए है
नई दिल्ली:
भारतीय नौसेना ने अपने लड़ाकू जहाजों को स्वदेशी पहचान देने की कड़ी में एक और बड़ा कदम उठाया है। नौसेना ने युद्धपोत ‘आईएनएस मालवन’ (INS Malvan) का नया विशिष्ट प्रतीक-चिह्न (क्रेस्ट) जारी किया है। इस नए क्रेस्ट में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक हथियार ‘बाघ नख’ को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह नया प्रतीक जहाज के परिचालन संकल्प और भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
आखिर ‘बाघ नख’ को ही क्यों चुना गया?
भारतीय नौसेना के अनुसार, क्रेस्ट में शामिल ‘बाघ नख’ केवल एक ऐतिहासिक हथियार या प्रतीक नहीं है, बल्कि यह गहरे रणनीतिक मूल्यों को समेटे हुए है:
- वीरता और फुर्ती का प्रतीक: नौसेना ने बताया कि ‘बाघ नख’ सर्वोच्च साहस, अद्भुत फुर्ती और निडरता का प्रतिनिधित्व करता है।
- सटीक और आक्रामक वार: यह प्रतीक दर्शाता है कि आईएनएस मालवन देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए हर समय सतर्क रहेगा और जरूरत पड़ने पर दुश्मन पर चुपचाप, सटीक और बेहद प्रभावी आक्रामक कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
- विशिष्ट पहचान: नौसेना ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव पूरी भारतीय नौसेना के आधिकारिक ध्वज या क्रेस्ट में नहीं किया गया है, बल्कि यह केवल ‘आईएनएस मालवन’ की अपनी विशिष्ट पहचान को दर्शाने वाला नया प्रतीक-चिह्न है।
समुद्री सुरक्षा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संदेश
यह नया क्रेस्ट भारत की नौसैनिक ताकत को और अधिक स्वदेशी और आक्रामक रूप में पेश करता है। यह संदेश देता है कि भारतीय नौसेना हर परिस्थिति में देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे चौकन्नी है। यह बदलाव औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति और भारत के गौरवशाली सैन्य इतिहास को सम्मान देने की भावना से प्रेरित है।
भारतीय नौसेना के प्रतीकों में पहले भी हुए हैं बड़े बदलाव
भारतीय नौसेना पिछले कुछ वर्षों से अपनी औपनिवेशिक (ब्रिटिश) विरासत को पीछे छोड़कर भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रतीकों को अपना रही है:
- वर्ष 2022 में बदला गया नेवल एनसाइन (नौसेना ध्वज): 2 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएनएस विक्रांत के कमीशनिंग समारोह के दौरान नौसेना का नया ध्वज जारी किया था। इसके तहत ब्रिटिश काल के ‘सेंट जॉर्ज क्रॉस’ (लाल क्रॉस) को हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित नीले-सुनहरे अष्टकोणीय (Octagonal) प्रतीक को शामिल किया गया था।
- नौसेना के आधिकारिक क्रेस्ट में बदलाव: इसी वर्ष 4 दिसंबर 2022 को नौसेना दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना के मुख्य प्रतीक-चिह्न (क्रेस्ट) को भी बदला गया था। इसमें रस्सी से लिपटे लंगर (‘फाउल्ड एंकर’) की जगह बिल्कुल साफ लंगर (‘क्लियर एंकर’) को अपनाया गया, जो स्पष्ट दृष्टि, समुद्री सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प और आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है।