दिल्ली-जयपुर हाईवे का सफर हुआ महंगा: NHAI ने बढ़ाए टोल रेट्स, अब ढीली होगी ज्यादा जेब, जानें किस गाड़ी का कितना बढ़ा चार्ज
जयपुर/नई दिल्ली:
अगर आप अक्सर दिल्ली से जयपुर के बीच हाईवे के जरिए सफर करते हैं या किसी ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो अब यह यात्रा आपकी जेब पर थोड़ी भारी पड़ने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर-दिल्ली रूट और आसपास के प्रमुख हाईवे पर टोल चार्जेज बढ़ा दिए हैं। सोमवार आधी रात से नई दरें लागू कर दी गई हैं।
अलग-अलग गाड़ियों की श्रेणी और टोल प्लाजा के हिसाब से टोल दरों में 5 रुपये से लेकर 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- एक तरफ का कुल टोल: जयपुर और दिल्ली के बीच प्राइवेट कारों से एक तरफ की यात्रा का कुल टोल अब ₹375 से बढ़कर ₹395 हो गया है।
- दरों में बढ़ोतरी: वाहनों के प्रकार के आधार पर ₹5 से ₹30 तक का इजाफा किया गया है।
- औसत वृद्धि: हाईवे पर टोल की दरों में लगभग 8% से 12% तक का इजाफा हुआ है।
- राहत का दायरा: टटियावास और सीतारामपुरा टोल प्लाजा पर प्राइवेट कारों के रेट्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है, यहाँ सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों पर टोल बढ़ा है।
किन रूट्स और टोल प्लाजा पर पड़ा असर?
टोल में बदलाव का सबसे ज्यादा असर जयपुर के आसपास के प्रमुख हाईवे और प्लाजा पर देखने को मिला है:
- शाहजहांपुर टोल प्लाजा: कार, जीप और वैन के लिए टोल फीस पहले ₹195 थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹215 कर दिया गया है (₹20 की सीधी बढ़ोतरी)।
- मनोहरपुर टोल प्लाजा (NH-48): यहाँ कार, जीप और वैन के लिए टोल फीस में ₹5 का इजाफा हुआ है। इसके अलावा बसों, ट्रकों और हल्की कमर्शियल गाड़ियों के लिए भी दरें बढ़ाई गई हैं।
- ਸੀਤਾਰਾਮਪੁਰਾ टोल प्लाजा (अजमेर-आगरा रिंग रोड): कमर्शियल वाहनों के लिए चार्ज बढ़ाए गए हैं।
- टटियावास टोल प्लाजा (जयपुर-सीकर बाईपास): यहाँ भी कमर्शियल गाड़ियों के लिए नई दरें लागू हुई हैं।
प्राइवेट कारों को कहाँ मिली राहत?
टटियावास और सीतारामपुरा टोल प्लाजा पर नए रेट्स मुख्य रूप से बसों, ट्रकों और भारी कमर्शियल वाहनों पर ही लागू किए गए हैं। इन दोनों जगहों पर प्राइवेट कार मालिकों के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को कुछ राहत जरूर मिली है।
बढ़ सकती है माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की लागत
जानकारों का मानना है कि टोल फीस में 8 से 12 फीसदी की इस बढ़ोतरी का असर केवल आम यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। कमर्शियल गाड़ियों पर टोल बढ़ने से माल ढुलाई (Freight) का खर्च और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ सकती है। इसके अलावा, अंतरराज्यीय बसों (Interstate Buses) का किराया भी बढ़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में आम सामानों की कीमतों पर हल्का असर देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
NHAI के अनुसार, टोल टैक्स में यह नियमित संशोधन राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के रखरखाव, बुनियादी ढांचे में सुधार और हाईवे के अपग्रेडेशन के लिए किया जाता है। हालांकि, इस फैसले के बाद दिल्ली और जयपुर के बीच रोज यात्रा करने वालों, टूरिस्ट्स और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स का सफर अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है।
