बिहार चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर कल होगा मतदान, 1314 उम्मीदवारों की किस्मत होगी कैद
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले प्रचार-प्रसार समाप्त हो चुका है। अब कल यानी 6 नवंबर को पहले चरण में कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी।
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव अपने पीक पर पहुंच गया है। पहले चरण के मतदान को अब सिर्फ तीन दिन ही बाकी हैं। सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को साधने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव सहित सभी स्टार प्रचारक जमकर प्रचार कर रहे हैं।
पहले चरण के लिए राज्य में 6 नवंबर को कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी। 3 करोड़ 75 लाख से अधिक मतदाता 1314 उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। इनमें 122 महिला प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
इस चरण में महागठबंधन में आरजेडी 72 सीटों पर, कांग्रेस 24 सीटों पर और लेफ्ट दल 14 सीटों पर मैदान में हैं। वहीं एनडीए की तरफ से जेडीयू 57 सीटों पर, बीजेपी 48 सीटों पर, एलजेपी (रामविलास) 13 सीटों पर और आरएलएम (उपेंद्र कुशवाहा) ने 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अतिरिक्त हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) 1 सीट पर चुनाव लड़ रही है।
सदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम इस बार पहले चरण में 8 सीटों पर लड़ रही है, जबकि चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य की संगठन पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी इस फेज में 119 सीटों पर मैदान में है-यानी लगभग हर सीट पर उसने मुकाबले को त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय बना दिया है।
दो चरणों में होगा मतदान
- इस बार बिहार में मतदान दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी हुई थी, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर की थी।
- पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा। दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी हुई। इस चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। दोनों चरणों के चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
मतदान समय और मतगणना
चुनाव आयोग के अनुसार मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जो मतदाता मतदान समय तक कतार में रहेंगे, उन्हें वोट डालने का अवसर मिलेगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो इन 121 सीटों में से 61 पर महागठबंधन ने जीत दर्ज की थी, जबकि एनडीए को 59 सीटें मिली थीं। मतलब यह कि मुकाबला पूरी तरह समान शक्ति संतुलन वाला था। तब एलजेपी ने अकेले चुनाव लड़ा था और महज एक सीट हासिल कर पाई थी। खास बात यह कि इन 121 सीटों में सबसे ज्यादा 42 सीटें आरजेडी के खाते में थीं, जबकि 32 सीटें बीजेपी ने जीती थीं। जेडीयू ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, वीआईपी को 4 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं।