प्रोबेशन पर रहते हुए इस्तीफा देने वाली कर्मचारी का लियन खत्म नहीं माना जाएगा: हाईकोर्ट
Latest News: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी नई नौकरी पर प्रोबेशन अवधि में है और उसे वहां स्थायी रूप से पुष्टि (कन्फर्मेशन) नहीं मिली है, तो उसकी पिछली नौकरी पर लियन (अधिकार) समाप्त नहीं माना जा सकता।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने शिवानी जैन द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता का इस्तीफा वापस लेने और पुनः सेवा में लेने का अनुरोध खारिज कर दिया गया था
याचिकाकर्ता शिवानी जैन की नियुक्ति 15 मार्च 2024 को PSPCL में असिस्टेंट मैनेजर (आईटी सिस्टम्स) के पद पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, पंजाब में असिस्टेंट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस) के पद पर चयन होने पर इस्तीफा दिया था।
हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उक्त भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिए जाने के कारण उनकी प्रोफेसर पद पर नियुक्ति भी समाप्त हो गई
इसके बाद शिवानी जैन ने PSPCL में पुनः ज्वाइन करने की अनुमति मांगी, जिसे निगम ने 27 अक्टूबर 2025 को अस्वीकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता नई नौकरी में अभी प्रोबेशन पर थीं और उनकी पुष्टि नहीं हुई थी, इसलिए उनका लियन PSPCL में बना हुआ थाकोर्ट ने यह भी माना कि बिना सुनवाई का अवसर दिए पारित आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
अदालत ने PSPCL को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के दावे पर पुनः विचार कर तीन महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित करे।इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों के सेवा अधिकारों की दृष्टि से एक अहम निर्णय माना जा रहा है।