कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी नहीं, कानूनी प्रक्रिया सबके लिए समान: रिजिजू
किरण रिजिजू केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री शनिवार सुबह कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे चंबा प्रवास के लिए रवाना हुए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय द्वारा पहले लाहौल-स्पीति में कई नए प्रोजेक्ट दिए जा चुके हैं और अब चंबा के दूरदराज क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं को क्रियान्वित रूप से प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के लिए राशि जारी की जा चुकी है, उन्हें धरातल पर उतारने के उद्देश्य से वे स्वयं चंबा पहुंचे हैं। संसद सत्र शुरू होने से पहले इन योजनाओं की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
हाल ही में हुए हिमाचल और दिल्ली पुलिस विवाद पर मंत्री ने कहा कि उन्हें इस विषय में विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
हालांकि एआई समिट में हुए प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस द्वारा किया गया एक षड्यंत्र था और मामले में पुलिस अपना कार्य कर रही है।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर हाल ही में कोर्ट की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह न्यायालय का निर्णय है, जिस पर वे कुछ नहीं कहना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत यदि किसी अदालत के फैसले पर आपत्ति है तो उसे उच्च न्यायालय या अन्य बेंच में चुनौती दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री के खिलाफ लंबे समय से बयानबाजी की जा रही है, लेकिन बार-बार एक ही तरह के आरोपों का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।
असदुद्दीन ओवैसी द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी पर मंत्री ने कहा कि वे अक्सर प्रधानमंत्री पर गलत बयान देते रहते हैं और देशहित की बात कम करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ज्यादा बोलना भी ठीक नहीं होता।
अपने चंबा दौरे को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है, उन्हें अब जमीनी स्तर पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देना उनकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से वे यहां पहुंचे हैं।