Renu Bhatia: श्रीनगर से राजनीति तक का सफर, Sushma Swaraj को मानती हैं अपना आदर्श
Renu Bhatia BJP leader; रेनू भाटिया का जन्म श्रीनगर में हुआ था. वह पंजाबी कश्मीरी परिवार से हैं. उनका घर डल गेट के पास था. रेनू ने बताया कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों पर जो अत्याचार हुए, वह उन्होंने खुद देखा है. वह उन परिवारों से आती हैं जो 1947 और 1948 में मारे गए थे, साथ ही 90 के दशक में कश्मीर में उन्हें परेशान किया गया. इसलिए जब भी कश्मीर में कोई घटना होती है, वह उन्हें गहरे तौर पर प्रभावित करती है.
रेनू भाटिया ने दूरदर्शन में एंकर के रूप में भी काम किया था. यह उनके जीवन का एक अहम अनुभव था. उन्होंने 1992 में कुछ समय के लिए दूरदर्शन में एंकर के तौर पर सेवा दी और इस दौरान वह समाज के कई मुद्दों पर प्रकाश डालती थीं.
रेनू भाटिया का राजनीति में आने का कारण सिर्फ उनका परिवार नहीं था, बल्कि महिलाओं की समस्याओं को सामने लाना था. उन्होंने कहा, महिलाओं ने मुझसे उम्मीद जताई कि मैं उनके मुद्दे उठाऊं. यही कारण था कि मुझे राजनीति में कदम रखना पड़ा. वह कई सालों तक भाजपा की प्रवक्ता के रूप में भी काम करती रही हैं. हालांकि उनके परिवार में कोई और व्यक्ति राजनीति में नहीं था.
रेनू भाटिया भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक मजबूत नेता हैं. वह सुषमा स्वराज को अपनी आदर्श मानती हैं और उन्हें ‘मेरी प्रिय नेता’ कहती हैं. रेनू का बीजेपी से जुड़ाव करीब चार दशकों पुराना है. वह महज 21 साल की उम्र में बीजेपी से जुड़ी थीं और आज वह पार्टी की बेनजीर कही जाती हैं. यह नाम उन्हें एक डॉक्यूमेंट्री के दौरान मिला था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की भूमिका निभाई थी.
रेनू भाटिया चेयरपर्सन के साथ-साथ एक कैंसर सरवाइवर भी है जहां 2 साल उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर से जंग लड़ी और जजाती भी क्या है उनकी कहानी आइए सुनते हैं।