आईपीओ ट्रेडिंग के नाम पर 1.37 करोड़ के साइबर फ्रॉड में ग्यारवां आरोपी गिरफ्तार, खाते में फ्रॉड की 2 लाख रकम मिली
पंचकूला/ 27 मई:- पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने आईपीओ ट्रेडिंग के नाम पर हुई करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 मई को ग्यारवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान आशीष कुमार निवासी फतेहगढ़, उत्तरप्रदेश के रुप में हुई है।
पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2026 में उन्हें इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से आईपीओ ट्रेडिंग में निवेश का लालच दिया गया। आरोपी ने खुद को एक कंपनी से जुड़ा कर्मचारी बताकर विश्वास में लिया और एक ऐप डाउनलोड करवाई। इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में विभिन्न माध्यमों से कुल लगभग 1.37 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करवा लिए। जब मुनाफा और आईपीओ संबंधी जानकारी देने में आरोपी टालमटोल करने लगा तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई गई।
शिकायत के आधार साइबर क्राइम थाना में 20 फरवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) और 61 के तहत मामला दर्ज कर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में मामलें की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा ठगी की रकम विभिन्न बैंको के कई खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई।
अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने कई बैंक खाताधारकों और मध्यस्थों की पहचान कर कार्रवाई की गई। पुलिस ने नीरज कुमार, राजेश, मोनीश कुरैशी, रज्जाक, दीपक कुमार और राजकुमार उर्फ विक्की सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की आगामी जांच करते हुए पुलिस ने 20 मई को लुधियाना निवासी खाताधारक सुरेन्द्र कुमार और उसके चाचा मोतीलाल को 20 मई को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से 6 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में ही नौवे आरोपी सुनील कुमार निवासी जिला रायबरेली, उत्तरप्रदेश हाल किराएदार लुधियाना, पंजाब का खुलासा हुआ जिसे 22 मई को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसी दौरान दसवें आरोपी चन्दन निवासी लुधियाना, पंजाब को भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी चन्दन से पूछताछ के आधार पर 26 मई को ग्यारवें आरोपी आशीष को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खाते में फ्रॉड के 2 लाख रुपये मिले है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी चन्दन व आशीष से पूछताछ जारी है व तीन आरोपियों को आज रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपियों द्वारा पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बैंक खाते, सिम कार्ड और किट खरीदकर साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग लेयर में ट्रांसफर कर कमीशन हासिल करता था। कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते और मोबाइल सिम हजारों रुपये के बदले अन्य गिरोह सदस्यों को बेचने की बात स्वीकार की।
आरोपियों द्वारा उनके अलग-अलग खुलासों के आधार पर पुलिस को अन्य सह आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है। जांच में कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रेफिक अमरिंदर सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या किसी अनजान ऐप के जरिए आईपीओ, ट्रेडिंग या हाई-रिटर्न निवेश के नाम पर मिलने वाले ऑफरों से सतर्क रहें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की आधिकारिक जांच अवश्य करें तथा सीधे व्यक्तिगत बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने से बचें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं