Banner

हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में बड़ा घोटाला, 50 करोड़ के गबन मामले में CBI ने दो अधिकारियों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ के IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा है मामला, फर्जी ट्रांजेक्शन और शेल कंपनियों के जरिए सरकारी फंड ठिकाने लगाने का आरोप हरियाणा सरकार की सिफारिश पर CBI को सौंपी गई थी जांच, 8 विभागों के कुल 504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का है हिस्सा चंडीगढ़/नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा श्रम […]
Nishant Malyan
By : Updated On: 09 Jul 2026 08:03:AM
हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में बड़ा घोटाला, 50 करोड़ के गबन मामले में CBI ने दो अधिकारियों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ के IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा है मामला, फर्जी ट्रांजेक्शन और शेल कंपनियों के जरिए सरकारी फंड ठिकाने लगाने का आरोप

हरियाणा सरकार की सिफारिश पर CBI को सौंपी गई थी जांच, 8 विभागों के कुल 504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का है हिस्सा

चंडीगढ़/नई दिल्ली:

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (HLWB) के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) खाते से 50 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी, जिसके बाद अब यह गिरफ्तारियां की गई हैं।

इन दो अधिकारियों पर कसा शिकंजा

CBI के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने इस गबन के सिलसिले में निम्नलिखित दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है:

  • जुगल किशोर (अकाउंट्स ऑफिसर – HLWB)
  • अमित कुमार (अकाउंटेंट – कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत)

जांच एजेंसी के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी में शामिल होने के पुख्ता और ठोस सबूत मिले हैं, जिसके बाद इन्हें हिरासत में लिया गया।

8 विभागों का ₹504 करोड़ का बड़ा घोटाला

CBI प्रवक्ता ने बताया कि यह ₹50 करोड़ का गबन कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक की शाखा में हुए एक बहुत बड़े घोटाले का हिस्सा है।

  • कुल घोटाला: इस पूरे नेक्सस (घोटाले) में हरियाणा सरकार के 8 अलग-अलग विभागों के कुल 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड का गबन किया गया है।
  • तरीका (Modus Operandi): सरकारी धन को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अनऑथराइज्ड (फर्जी) डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए बैंक खातों से निकाला गया।
  • शेल कंपनियों का इस्तेमाल: निकाले गए करोड़ों रुपये को बाद में शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के खातों में ट्रांसफर कर इधर-उधर कर दिया गया।

शेल कंपनियों के खातों में भेजा गया पैसा

हरियाणा सरकार की सिफारिश पर जब इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई, तो परतों के पीछे का सच सामने आया। जांच में यह साफ हुआ कि हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड (HLWB) के खाते से ₹50 करोड़ का सरकारी फंड गलत तरीके से अनऑथराइज्ड डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए निकाला गया था।

इस रकम को सफेद करने और ठिकाने लगाने के लिए नीचे दी गई शेल कंपनियों के खातों का इस्तेमाल किया गया:

  1. कैपको फिनटेक सर्विसेज (Capco Fintech Services)
  2. एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड (SRR Planning Gurus Private Limited)
  3. स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स (Swastik Desh Projects)

CBI अब इस मामले में बैंक के अधिकारियों और इन शेल कंपनियों के प्रमोटर्स की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad