नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में भारी तबाही, जानें दिल दुखानेवाले अंकड़े
Nepal GEN-Z Protest: नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में भारी तबाही है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है। घायलों की संख्या एक हजार के पार है।
Nepal GEN-Z Protest against Social Media Ban: 8 सितंबर को नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। 20–25 साल के जेन-ज़ी कार्यकर्ताओं ने संसद, सुप्रीम कोर्ट, मंत्रियों के घर और काठमांडू का सिंह दरबार तक आग के हवाले कर दिया। बुधवार को भी नेपाल की सड़कों पर हिंसा और आगजनी देखने को मिल रही है। बता दें कि मंगलवार की रात से ही नेपाल में सड़कों पर सेना तैनात कर दी गई है। बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उफान पर है।
नेपाल में पिछले 2 दिनों से जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान 3 पुलिसकर्मी सहित कम से कम 30 लोग मारे गए है। पुलिस और अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी है। पुलिस और अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को संसद भवन के सामने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 19 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर युवा थे।
नेपाल में कितने लोग हुए घायल?
नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों के दौरान मंगलवार को काठमांडू के कोटेश्वर इलाके में भीड़ ने 3 पुलिसकर्मियों को मार डाला। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को कालीमाटी थाने पर पुलिस के साथ झड़प में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के के अनुसार प्रदर्शनों के दौरान 1000 से अघिक लोग घायल हुए है।

त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शुरू हुई उड़ान सेवा
इस बीच नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बुधवार शाम 6 बजे से उड़ान सेवाएं बहाल कर दी हैं। टीआईए ने सरकार के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर मंगलवार को सभी विमानों का परिचालन रोक दिया था। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रवक्ता रिंजी शेरपा ने कहा, “हमने सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे को बंद कर दिया था, क्योंकि हमने परिसर के आसपास के कुछ इलाकों और रनवे के कुछ हिस्सों से धुआं उठता देखा था।”
नेपाल में सेना ने उठाए बड़े कदम
इस बीच नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी एवं विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा का एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। देउबा के बुधनीलकांठा स्थित आवास पर प्रदर्शनकारियों के हमले के दौरान वो घायल हो गए थे। नेपाल सेना ने बुधवार को प्रदर्शनों की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश और उसके बाद कर्फ्यू लगा दिया। यह कदम बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के एक दिन बाद उठाया गया।