Banner
Banner

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 95 लाख के साइबर फ्रॉड में शामिल बैंक मैनेजर कर्मी गिरफ्तार, 3 आरोपी पहले से गिरफ्तार

Panchkula cyber crime; पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 95 लाख के साइबर फ्रॉड के मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के बाद अब गिरोह से जुड़े एक और अहम आरोपी अनूप कुमार को गुरुग्राम की भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया है। […]
Jaspreet Singh
By : Published: 21 May 2026 18:53:PM
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 95 लाख के साइबर फ्रॉड में शामिल बैंक मैनेजर कर्मी गिरफ्तार, 3 आरोपी पहले से गिरफ्तार

Panchkula cyber crime; पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 95 लाख के साइबर फ्रॉड के मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के बाद अब गिरोह से जुड़े एक और अहम आरोपी अनूप कुमार को गुरुग्राम की भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप मैसेज, फर्जी ट्रेडिंग लिंक, ऑनलाइन मीटिंग और झूठे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पंचकूला निवासी बुजुर्ग ने साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्हें जुलाई 2025 में व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया। आरोपियों ने विदेशी नंबरों और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से उन्हें अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने उन्हें विभिन्न शेयरों में निवेश कर मोटे मुनाफे का लालच दिया। शुरुआती छोटे निवेश और मुनाफा दिखाकर आरोपियों ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीत लिया।

इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग माध्यमों से लगातार रकम जमा करवाई गई। जांच के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कुल 95 लाख 21 हजार 560 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर उनके खाते में लाखों डॉलर का बैलेंस दिखाया जाता रहा, लेकिन जब पीड़ित ने रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने अतिरिक्त रकम की मांग कर दबाव बनाना शुरू कर दिया। तब जाकर पीड़ित को फ्रॉड का एहसास हुआ।

शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना में 8 अक्टूबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के आधार पर साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में टीम द्वारा कई आरोपियों की पहचान की गई। पहले हिसार निवासी आरोपी गुरदीप सिंह उर्फ दीपू डाबला को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद मनजीत सिंह और मानशवी ढोचक को प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर जांच में शामिल किया गया।

जांच के दौरान बैंक के कर्मचारी अनूप कुमार निवासी साउड वैस्ट दिल्ली की संलिप्तता सामने आई। जांच में पाया गया कि आरोपी पहले दिल्ली और गुरुग्राम के अन्य साइबर धोखाधड़ी मामलों में भी गिरफ्तार हो चुका था और अलग-अलग जेलों में बंद था। पंचकूला पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाकर 20 मई 2026 को आरोपी अनूप कुमार को भोंडसी जेल, गुरुग्राम से लाकर पंचकूला अदालत में पेश किया और गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है और मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस द्वारा अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है और इससे जुड़े अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्त में आ सकते हैं। इस पूरे मामलें की जांच सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार द्वारा की जा रही है।

पंचकूला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, विदेशी नंबर, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप निवेश समूह, ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऑफर या त्वरित मुनाफे के लालच में आकर पैसा निवेश न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad