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हाईकोर्ट में खुली बीजेपी की पोल, पीजीटी इंग्लिश भर्ती केस में जीते युवा- हुड्डा

चंडीगढ़, 13 मई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज HPSC की भर्तियों, सफाई कर्मियों की हड़ताल व राहुल गांधी के गुरुग्राम दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। हुड्डा ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ 750 किसानों ने अपनी जान कुर्बान […]
Khushi
By : Updated On: 13 May 2026 21:22:PM
हाईकोर्ट में खुली बीजेपी की पोल, पीजीटी इंग्लिश भर्ती केस में जीते युवा- हुड्डा

चंडीगढ़, 13 मई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज HPSC की भर्तियों, सफाई कर्मियों की हड़ताल व राहुल गांधी के गुरुग्राम दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। हुड्डा ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ 750 किसानों ने अपनी जान कुर्बान की। इसलिए कांग्रेस ने सदन में बाकायदा प्रस्ताव रखा। जबकि बीजेपी ने शहीद किसानों को कोई मुआवजा तक नहीं दिया।

ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ

उस समय कांग्रेस ने निजी कोष से किसान परिवारों की आर्थिक मदद करी और हमारे नेता राहुल गांधी उनकी आवाज उठाई। राहुल गांधी व पूरी कांग्रेस ने किसानों के संघर्ष का पूरी तरह साथ दिया और बीजेपी को कृषि कानून वापिस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। किसान कृषि कानूनों से तो बच गए, लेकिन सरकार ने अबतक एमएसपी की मांग को पूरा नहीं किया।

हुड्डा ने आगे बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार को हरियाणा और हरियाणवियों से नफरत है। इसीलिए लगातार प्रदेश की भर्तियों में बाहरियों को नियुक्तियां मिल रही हैं। इंटरव्यू में बाहर वालों को ज्यादा नंबर देकर सिलेक्ट किया जा रहा है और हरियाणवी युवा अदालतों के चक्कर काट रहे हैं।

हुड्डा ने असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी की भर्ती का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें सामान्य वर्ग के 60 चयनित अभ्यार्थियों में से 41 अन्य राज्यों के हैं। यही खेल तमाम भर्तियों में खेला जा रहा है। जानबूझकर 35 प्रतिशत का क्राइटेरिया लागू करके हरियाणवियों को बाहर किया गया और अन्य राज्य के लोगों को प्राथमिकता देकर भर्ती किया गया।

हुड्डा ने हाई कोर्ट द्वारा हरियाणा में असिस्टेंट प्रोफेसर अंग्रेजी भर्ती को रद्द किए जाने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के संघर्ष की जीत है। इस जीत ने ना सिर्फ सरकार बल्कि सरकार द्वारा नियुक्त HPSC चेयरमैन की भी पोल खोलकर रख दी है। ये लोग लगातार हरियाणवी युवाओं को अपमानित करने में लगे हुए थे। लेकिन अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि हरियाणा के युवा तो योग्य हैं, लेकिन उन्हें भर्तियों से बाहर करने के लिए दोषपूर्ण प्रक्रिया को अपनाया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश के 613 पदों पर मात्र 151 अभ्यर्थियों का चयन किया गया और बाकी पद खाली छोड़ दिए गए। डीएससी वर्ग के साथ सबसे बड़ा अन्याय करते हुए 60 रिजर्व सीट्स में से केवल 1 का चयन किया गया। 35% कंडीशंस की आड़ में बाकी सीटें खाली छोड़ दी गईं। अब कोर्ट के फैसले से स्पष्ट है कि सरकार की 11.11.2022 की गाइडलाइन के कुछ प्रावधान UGC गाइडलाइन 2018 के क्लॉज़ 4, 5 और 6 का उल्लंघन करते हैं। इसलिए इनके आधार पर जारी विज्ञापन और भर्ती प्रक्रिया भी तय व्यवस्था के खिलाफ है। हाईकोर्ट के फैसले से साफ हो गया कि बीजेपी सरकार ने जान बूझकर ऐसे नियम बनाए ताकि ज्यादातर नौकरियां हरियाणा के युवाओं की बजाय बाहरी लोगों को मिल सके।

हुड्डा ने असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी व इंग्लिश के साथ अन्य भर्तियों का भी उदाहरण देकर सरकार की साजिशों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर साइकोलॉजी भर्ती में भी 85 पद के लिए 400 अभ्यर्थियों में से मात्र 3 को ही पास किया गया। हरियाणा पावर यूटिलिटीज (HPU) में असिस्टेंट इंजीनियर AE/SDO भर्ती में 214 अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया जिसमें से केवल 29 हरियाणा के थे। इससे पहले सिविल सिंचाई विभाग में 49 में से 28 हरियाणा से बाहर के उम्मीदवार थे। एसडीओ इलेक्ट्रिकल में 80 में से 78 बाहर के, केवल 2 ही हरियाणा के थे। इसी तरीके से टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में लेक्चरर में 153 में से 106 बाहरी उम्मीदवार चयनित हुए।

HPSC ने विकास और पंचायत विभाग में SDE (सिविल) की भर्ती में सामान्य वर्ग के 48 पदों में से अन्य प्रदेशों के 19 अभ्यर्थियों का चयन किया है। इससे पहले दिसंबर 2023 में सरकार ने 7 BDPO भर्ती किए, जिनमें से 4 गैर-हरियाणवी थे। यानी आधे से ज्यादा हरियाणा के बाहर के थे। फरवरी 2021 में हुई SDO इलेक्ट्रिकल की भर्ती में 77 बाहर के थे और 22 हरियाणा के थे। ये वहीं भर्ती थी जिसे 2019 चुनावों से पहले कैंसिल किया गया था। क्योंकि पहले इस भर्ती में 80 में से 78 बाहर के अभ्यार्थियों को सिलेक्ट किया गया।

इसी तरह लेक्चरर ग्रुप-B (टेक्निकल एजुकेशन) की भर्ती में सामान्य श्रेणी के 157 में से 103 अभ्यार्थी हरियाणा से बाहर के सेलेक्ट हुए थे। साल 2019 में असिस्टेंट प्रोफेसर पॉलिटिकल साईंस की भर्ती में 18 में से 11 उम्मीदवार बाहरी थे और सिर्फ 7 हरियाणवी थे। कृषि विभाग के लिए HPSC ने 600 ADO पदों के लिए भर्ती निकाली थी। लेकिन सिर्फ 57 कैंडिडेट्स को पास करके इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और उनमें से भी 50 का ही चयन किया गया। हैरानी की बात है कि भर्ती में जनरल केटेगरी के 23 पदों में से 16 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया गया।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यहां सफाई कर्मियों की मांगों को अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि सरकार को तुरंत संज्ञान लेते हुए मांगे माननी चाहिए व हड़ताल को खत्म करवाना चाहिए।

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