कनाडा की नई इमिग्रेशन पॉलिसी 2026-28, वर्क परमिट पर काम कर रहे भारतीयों के लिए फायदा, छात्रों की बढ़ेंगी मुश्किलें
Canada’s New Immigration Policy 2026-28: कनाडा ने अपने बजट में 2026 से 2028 तक के लिए नई आप्रवासन योजना जारी की है। इसमें सरकार ने तय किया है कि आने वाले दो सालों में 33,000 वर्क परमिट धारकों को स्थायी निवास देने का मौका मिलेगा।
Canada Immigration Policy: भारत से हर साल बड़ी तादाद में लोग कनाडा जाते हैं। ये खबर उन लोगों के लिए है, जो आने वाले वक्त में कनाडा में बसने का इरादा रखते हैं या पैसा कमाने या पढ़ने की योजना बना रहे हैं।
दरअसल, कनाडा ने अपने बजट में 2026 से 2028 तक के लिए नई आप्रवासन योजना जारी की है। इसमें सरकार ने तय किया है कि आने वाले दो सालों में 33,000 वर्क परमिट धारकों को स्थायी निवास देने का मौका मिलेगा। यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब कनाडा अस्थायी प्रवासियों यानी वर्क परमिट और स्टडी वीज़ा वालों की संख्या घटाने पर जोर दे रहा है।
भारत पर इसका असर
कनाडा में भारतीय छात्र और वर्कर सबसे बड़ी विदेशी आबादी हैं। 2025 में जिन भारतीय छात्रों के वीज़ा रिजेक्ट हुए थे, उनके लिए इस योजना में मिलाजुला सा असर देखने को मिल रहा है।
नए पॉलिसी के मुताबिक, स्टूडेंट वीज़ा के मौके घटेंगे, क्योंकि 2026 में केवल 1.55 लाख छात्रों को अनुमति दी जाएगी, जो 2025 के मुकाबले लगभग आधे हैं। यानी अगर कोई पढ़ाई के रास्ते कनाडा में बसने की राह देख रहा है तो अब ये सफर मुश्किल होने वाला है।
वर्क परमिट वालों को राहत मिलेगी क्योंकि जो पहले से कनाडा में काम कर रहे हैं, उन्हें अब PR में बदलने का सीधा रास्ता मिल सकता है। कनाडा सरकार अब अस्थायी वीज़ा की संख्या घटाकर स्थायी और कुशल प्रवासियों पर ध्यान देना चाहती है।
हालांकि नए वर्क परमिट पर आने वाले लोगों के लिए भी मुश्किल थोड़ी बढ़ी हैं क्योंकि कनाडा सरकार ने वर्क परमिट देने के लक्ष्य में भी कमी की है।
इसके अलावा अगर कोई सीधा PR हासिल करके आता है तो इसमें कोई तब्दीली देखने को नहीं मिल रही। सरकार ने इस लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है।
नए आंकड़े क्या कहते हैं?
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि देश अब उन प्रवासियों पर ध्यान देगा जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें, ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में काम करने को तैयार हों और लंबे समय तक कनाडा में रहना चाहते हों। सरकार का कहना है कि अस्थायी प्रवासियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाने से हाउसिंग, हेल्थकेयर और जॉब सेक्टर पर दबाव बढ़ गया था।
भारतीय युवाओं के लिए क्या संकेत है?
- जो पहले से कनाडा में हैं- वर्क परमिट या PGWP पर, उनके लिए PR की राह अब थोड़ी आसान होगी।
- लेकिन जो नए छात्र कनाडा आने की सोच रहे हैं, उन्हें अब सीटें और वीज़ा दोनों सीमित मिलेंगे।
- यह कदम कनाडा के “गुणवत्ता-आधारित” प्रवास मॉडल की ओर एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कनाडा अब ‘कम लेकिन योग्य प्रवासी’ नीति की ओर बढ़ रहा है।