हिमाचल में फिर तबाही, पांच जगह फटे बादल से जलप्रलय, 3 नेशनल हाईवे समेत 500 सड़कें बंद
Himachal Cloud Burst and Flood: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की बारिश से कुल्लू, शिमला और लाहौल स्पीति में भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से तीर्थन घाटी, गानवी गांव और करपट में बाढ़ आई है।
Himachal Pradesh Cloudburst: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से मॉनसून की बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। राज्य में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच पांच जगह बादल फटे हैं। वहीं, प्रदेश के तीन जिलों चंबा, कांगड़ा और मंडी के कई क्षेत्रों में वीरवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों पर बादल फटने से कुल्लू के बंजार की तीर्थन घाटी, निरमंड और शिमला के रामपुर के गानवी गांव में जमकर नुकसान हुआ है।
वहीं, शिमला के रामपुर के गानवी में बाजार और बस स्टैंड जलमग्न हो गया है। इस दौरान दोनों इलाकों में 5 से 6 छोटे पुल टूटे हैं। ताजा घटनाओं के बाद शिमला और लाहौल एवं स्पीति जिलों में कई पुल बह गए जबकि तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 300 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी है।
श्रीखंड के भीमडवारी एवं नंती, किन्नौर के पूह, लाहौल के मयाड़ और कुल्लू की तीर्थन घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। भीमडवारी और नंती में बादल फटने से आई बाढ़ में गानवी में दो शेड बह गए, जबकि छह पानी में डूब गए। यहां एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। बाढ़ की जद में आई पुलिस चौकी में पानी घुस गया। तीर्थन घाटी के बंजार में टिल्ला और दोगड़ा पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। निरमंड की कुर्पण खड्ड उफान पर होने से बागीपुल बाजार खाली करवा लिया गया है। कुल्लू की तीर्थन घाटी में पांच गाड़ियां एवं चार कॉटेज बह गए। इस दौरान कॉटेज में कोई नहीं था।
तीन नेशनल हाईवे समेत 323 सड़कें बंद
भारी-बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे समेत 323 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके साथ ही 70 बिजली के ट्रांसफार्मर और 130 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली गुल होने के साथ पेयजल संकट हो गया है। निरमंड विकास खंड के तहत बुधवार शाम करीब 5 बजे श्रीखंड और रामपुर उपमंडल के नंती क्षेत्र में बादल फटे। इससे कुर्पण और गानवी खड्ड में बाढ़ आ गई। गानवी खड्ड में पानी बढ़ने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। खड्ड के साथ लगते घरों को खाली करवा दिया गया है। ग्रीनको कंपनी के इनटेक को भी नुकसान हुआ है। अभी तक इन क्षेत्रों में कोई जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
मॉनसून के कारण अबतक 2031 करोड़ रुपये का नुकसान
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक राज्य को 2031 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 126 लोगों की जान गई है जबकि 36 अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान अब तक 63 अचानक बाढ़ की घटनाएं, 31 बादल फटने और 57 बड़े भूस्खलन हुए हैं।
आज भारी से भारी वर्षा की चेतावनी
चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले में 14 अगस्त को भारी से भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। 15 से 19 अगस्त तक किन्नौर व लाहुल-स्पीति को छोड़ अन्य सभी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का यलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर बाद शिमला शहर में हल्की वर्षा शुरू हुई और रातभर वर्षा होती रही।