संतान न होने पर पत्नी की जान लेने वाले पति को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा, 50 हजार जुर्माना भी लगाया
पंचकूला/ 30 मई:- पंचकूला में पत्नी की हत्या के एक मामले में अदालत ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा ने दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था, जब मूल रूप से बिहार निवासी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।
पुलिस के अनुसार 13 जनवरी 2023 की रात पुलिस चौकी सेक्टर-19 को सूचना मिली थी कि अभयपुर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतका के परिजनों के पंचकूला पहुंचने के बाद विस्तृत कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान मृतका के भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन का विवाह लगभग चार वर्ष पहले हुआ था तथा संतान न होने के कारण उसका पति अक्सर उसे प्रताड़ित करता था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी दूसरी शादी करना चाहता था और इसी वजह से महिला के साथ लगातार झगड़ा करता था। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-20 में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामलें की जांच एएसआई गुरबचन द्वारा की गई है।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार पुलिस द्वारा मामलें की जांच करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया, सीन ऑफ क्राइम टीम से वैज्ञानिक जांच करवाई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल की, गवाहों के बयान दर्ज किए तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आरोपी को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ ही स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध को पंचकूला पुलिस गंभीरता से लेती है और ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीसीपी ने नागरिकों से भी अपील की कि घरेलू हिंसा, प्रताड़ना या महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।