हिमाचल मे तबाही की तस्वीरें, राज्य में 900 सड़कें और 1497 बिजली ट्रांसफार्मर बंद, कुल्लू में तीन और शव मिले
Himachal Landslide and Cloudbust: राज्य में 900 सड़कें, 1497 बिजली ट्रांसफार्मर और 388 जल आपूर्ति स्कीमें बंद रहीं। चंबा में116, कुल्लू में 225, मंडी में 198 और शिमला में 167 सड़के बंद हैं।
Disaster in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते जगह-जगह भूस्खलन से दुश्वारियां बरकरार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सड़कें, बिजली-पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य में शनिवार शाम छह बजे तक राज्य में 900 सड़कें, 1497 बिजली ट्रांसफार्मर और 388 जल आपूर्ति स्कीमें बंद रहीं। चंबा में116, कुल्लू में 225, मंडी में 198 और शिमला में 167 सड़के बंद हैं। शिमला में भी हल्की बारिश जारी है। खराब माैसम के चलते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का हमीरपुर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दाैरा रद्द हो गया है।
मलबे से तीन और शव मिले, दो अभी भी लापता
मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुए यात्रियों को प्रशासन ने सुरक्षित उनके गंतव्यों तक पहुंचा दिया है। शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। सरकार के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन चंबा ने मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे श्रद्धालुओं के लिए भरमौर से करियां (चंबा) तक विशेष बचाव अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतिम दिन सेना के एमआई 17 हेलिकाप्टर की सहायता से शेष अंतिम 64 श्रद्धालुओं के अलावा दो शवों को भी भरमौर से करियां (चंबा) पहुंचाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत लगभग सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हेलिकाप्टर ऑपरेशन आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है।
पिछले तीन दिनों से भरमौर में फंसे लगभग 700 श्रद्धालुओं को हेलिकाप्टर के माध्यम से करियां पहुंचाया गया। बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के दो चिनूक हेलिकाप्टरों और एम-17 की मदद ली गई। चिनूक हेलिकाप्टरों ने 5 सितंबर को एक ही दिन में 524 यात्रियों और 3 शवों को करियां पहुंचाया।
मणिमहेश यात्रा के दौरान 17 श्रद्धालुओं की मृत्यु
इस वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से कुल 17 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है। इसमें सड़क दुर्घटनाओं के मृतकों का आंकड़ा शामिल नहीं है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को 29 अगस्त से लगातार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से विभिन्न गंतव्यों के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की गई।
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दगडाह गांव में बरसात से मकान जमींदोज, गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की टकोली पंचायत के गांव दगडाह के गुरदास राम पुत्र रोलू राम का मकान भार बारिश से जमींदोज गया है। इससे दिहाड़ी-मजदूरी कर गुजारा कर रहे गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टू गया है। थानाकलां के समीप सड़क धंसने के चलते ऊना-भोटा मार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद हो गया है। पिछले तीन दिनों से यहां पर वाहन फंस रहे हैं।
कुछ भागों में इतने दिन जारी रहेगी बारिश
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 12 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीती रात को नयना देवी में 136.8, बरठीं 25.6, मालरांव 25.0, सराहन 20.0, धौलाकुआं 18.5 व रोहड़ू में 10.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
लिप्पा में बनी कृत्रिम झील
किन्नौर जिले के पूह खंड के लिप्पा गांव के साथ लगती पेजर खड्ड में गुरुवार दोपहर करीब 12 अचानक बाढ़ आने कृत्रिम झील बन गई है। इसका पानी बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं, बाढ़ से कई घर जलमग्न हो गए हैं। लोगों के रिहायशी मकानों, पेयजल स्रोतों, सिंचाई कूहलों, सेफ्टी टैंक सहित बागवानों के हजारों सेब के पौधों को भारी क्षति पहुंची है।
मानसून में अब तक 360 लोगों की हुई माैत
प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हर साल तबाही हो रही है। पहाड़ों पर पिछले 30 वर्षों में अत्याधिक बारिश की घटनाओं में 200 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,97,952.11 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
इस मानसून सीजन में 20 जून से 5 सितंबर तक 360 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 426 लोग घायल हुए हैं। 47 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 163 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। प्रदेश में इस अवधि में बादल फटने की 50, बाढ़ की 95 और भूस्खलन की 133 घटनाएं हुई हैं। इनमें 1366 पक्के और 3218 कच्चे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 452 दुकानों और 4816 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। 1967 पालतु पशुओं की भी माैत हुई है।