हरियाणा में भी बाढ़ जैसे हालात! झज्जर शहर में जिधर देखो उधर पानी ही पानी
अस्पताल परिसर, लघु सचिवालय, पुराना बस स्टैंड, शहर के चौक चौराहे सब जगह 3 से 5 फुट पानी, दो दिनों से हो रही बरसात की वजह से लोग घरों में कैद होने को मजबूर
झज्जर में बीते दो दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की सड़कों पर 3 से 5 फुट तक पानी भर जाने से हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं, वहीं प्रशासन अब तक हालात पर काबू पाने में विफल नजर आ रहा है। शहर के प्रमुख स्थानों जैसे कि लघु सचिवालय, नागरिक अस्पताल परिसर, पुराना बस स्टैंड, भगत सिंह चौक, सुभाष चौक तथा अन्य मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। नगर परिषद की ओर से अभी तक जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। गांवों की गलियां कीचड़ और पानी से लबालब हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि झज्जर जैसे शहरी क्षेत्रों में इतनी भारी बारिश के बाद जलभराव होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि यदि ऐसी ही बारिश जारी रही तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। नगर परिषद व जिला प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू किए जाने का दावा किया जा रहा है, किंतु ज़मीनी स्तर पर इन प्रयासों का असर नजर नहीं आ रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, जिससे सामान्य बारिश भी अब बाढ़ का रूप लेने लगी है। शहर के पुराने नालों की सफाई न होना भी इस समस्या का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।