वन विभाग कुल्लू सर्कल में 5 इको टूरिज्म साइट्स से सालाना डेढ़ करोड़ रुपए राजस्व हो रहा एकत्र – संदीप शर्मा
हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा पर्यटन को विकसित करने के लिए इको टूरिज्म के तहत अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। ऐसे में वन विभाग कुल्लू सर्कल के द्वारा 16 से अधिक इको टूरिज्म साइट्स को चिन्हित किया गया है। जिसमें से वन विभाग के द्वारा पांच इको टूरिज्म साइट्स को ओपन ओक्शन किया गया है जिसमें एक हेक्टेयर वन भूमि पर इको टूरिज्म स्थलों को पर्यटकों को सुविधा प्रदान की जा रही है।
ऐसे में प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक की को बढ़ाने के लिए इको टूरिज्म साइट्स को विकसित किया जा रहा है। जहां पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं । कुल्लू जिला में काईसधार ,सोलंगनाला, कसोल, सुमारोपा,खीरगंगा बिंद्रावनी इको टूरिज्म साइट्स पर सालाना डेढ़ करोड़ रुपए के राजस्व पर ओक्शन किया गया है।
वन विभाग कुल्लू सर्कल के अरण्यपाल संदीप शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कुल्लू जिला में 16 से अधिक इको टूरिज्म साइट्स को चिन्हित किया गया है उन्होंने कहा कि वन विभाग के द्वारा इको टूरिज्म पॉलिसी के तहत 5 इको टूरिज्म साइट्स को ओपन ओक्शन किया है।
उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म साइट्स पर इको फ्रेंडली पदार्थ में कुछ स्ट्रक्चर बनाकर पर्यटन गतिविधियां चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म साइट्स के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार मिले इसके लिए यह प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि एक हेक्टेयर वन भूमि पर इको टूरिज्म साइट्स में कोई भी कंपनी वन भूमि पर पर्यटन गतिविधियां चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के द्वारा पांच इको टूरिज्म साइट्स को ऑप्शन किया गया है। जिसमें सालाना डेढ़ करोड़ रुपए की राजस्व को प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा किसके अलावा नौ अन्य इको टूरिज्म साइट्स को भी चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी इको टूरिज्म साइट्स के लिए ओपन ऑप्शन में भाग लेकर पैटर्न गतिविधियां चला सकते हैं ।उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म साइट्स को 10 साल के लिए ऑप्शन किया जा रहा है जबकि 5 साल तक एक्सटेंड किया जा सकता है कुल मिलाकर 15 साल के लिए इको टूरिज्म साइट्स पर पर्यटन गतिविधियां से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है।