वर्क वीजा के नाम पर अमेरिका भेजने के नाम पर 35 लाख की ठगी का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

Panchkula immigration fraud case: पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस संबंध में थाना रायपुररानी में दिनांक 22.11.2025 को धारा 370, 406, 420, 120-B, 201 IPC व […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 11 Apr 2026 18:10:PM
वर्क वीजा के नाम पर अमेरिका भेजने के नाम पर 35 लाख की ठगी का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

Panchkula immigration fraud case: पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस संबंध में थाना रायपुररानी में दिनांक 22.11.2025 को धारा 370, 406, 420, 120-B, 201 IPC व धारा 24 इमिग्रेशन एक्ट 1983 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों संदीप कुमार निवासी पटियाला (पंजाब), पवन उर्फ पम्मी निवासी सेक्टर-3 पंचकूला तथा सतनाम सिंह निवासी पीतमपुरा (दिल्ली) ने मिलकर शिकायतकर्ता कृष्ण लाल निवासी गांव गढ़ी कोटाहा (पंचकूला) को उसके बेटे को अमेरिका भेजने का झांसा देकर कुल 35 लाख रुपये ठग लिए।

आरोपियों ने पहले रिश्तेदारी का फायदा उठाकर पीड़ित का विश्वास जीता और वर्क वीजा के नाम पर उसे भरोसा दिलाया कि उसका बेटा कानूनी तरीके से अमेरिका भेज दिया जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने बैंक ट्रांजेक्शन से बचने के लिए पूरी रकम नकद में ली। पीड़ित से जमीन तक बिकवा दी गई और किस्तों में करीब 35 लाख रुपये ले लिए गए। दिसंबर 2023 में आरोपियों ने दावा किया कि युवक का वर्क वीजा लग चुका है और उसे दिल्ली एयरपोर्ट से भेज दिया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि युवक को गैरकानूनी तरीके से डंकी रूट के जरिए विदेश भेजा गया, जहां उसे हिरासत में ले लिया गया और बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

पूरे मामले में आरोपियों ने लंबे समय तक पीड़ित को झूठे बहानों से गुमराह किया और लगातार यह कहते रहे कि उसका बेटा अमेरिका पहुंचने वाला है। जब पीड़ित को सच्चाई का पता चला तो उसने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल किया। शिकायत के आधार पर एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान तीसरे आरोपी सतनाम सिंह का नाम सामने आया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। जांच में मानव तस्करी (धारा 370 IPC) के तथ्य सामने आने पर संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं, वहीं साक्ष्य मिटाने के प्रयास पर धारा 201 IPC भी जोड़ी गई।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं तथा उनके कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है। अब तक मामले में ₹14 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

इस संबंध में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि, “पंचकूला पुलिस अवैध इमिग्रेशन और मानव तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी अनधिकृत एजेंट पर भरोसा न करें और केवल अधिकृत व सत्यापित माध्यमों से ही प्रक्रिया अपनाएं।”

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