नशे पर सरकार की उदासीनता खतरनाक, युवाओं का भविष्य दांव पर: कुमारी सैलजा
Kumari Selja news; सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा, विशेषकर पंजाब से सटे जिलों में तेजी से फैल रहे नशे के जाल पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या अत्यंत गंभीर रूप ले चुकी है, लेकिन राज्य सरकार इस ओर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही।
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि नशा तस्करों के सामने प्रदेश का प्रशासन लगभग पंगु नजर आ रहा है, जिसके कारण लगातार युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के दायरे में सीमित करके नहीं देखा जा सकता। प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी भी युवाओं को नशे और अपराध की ओर धकेलने का एक बड़ा कारण है। जब तक सरकार रोजगार सृजन पर ठोस कदम नहीं उठाएगी, तब तक नशे के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि सरकार नशे के खिलाफ व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे तथा इसमें समाज, विशेषज्ञों और विपक्ष को भी विश्वास में लिया जाए, ताकि प्रदेश स्तर पर एक संयुक्त अभियान चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त और समन्वित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की मांग की है, ताकि हरियाणा को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।
सिरसा-कोटा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग
सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर डिंग मंडी (सिरसा) रेलवे स्टेशन पर सिरसा-कोटा-सिरसा एक्सप्रेस के ठहराव को पुन: बहाल करने तथा फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19023/19024) का संचालन दोबारा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले सिरसा-कोटा एक्सप्रेस के ठहराव से आसपास के 20-25 गांवों के यात्रियों, विद्यार्थियों और मरीजों को बड़ी सुविधा मिलती थी, लेकिन ठहराव बंद होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
कुमारी सैलजा ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्सप्रेस कोविड काल में अस्थायी रूप से बंद की गई थी, जिसे अब तक शुरू नहीं किया गया है। यह ट्रेन पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण कड़ी रही है। उन्होंने जनभावनाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए रेलवे मंत्रालय से दोनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया