4 नए श्रम कानून लागू होने के बाद बदल गए ग्रेच्युटी के नियम… जाने क्या होती है ग्रेच्युटी
Gratuity Rules: सरकार ने 4 नए श्रम कानून लागू किए हैं, जिसके तहत सैलरी, ग्रेच्युटी, पीएफ समेत सिक्योरिटी सुरक्षा के तहत नियम बदले गए हैं।
New Labour Codes Gratuity Rules: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अब देश में नए लेबर कोड्स लागू किए जाएंगे। इसके तहत पहले से मौजूद 29 अलग-अलग श्रम कानूनों को मिलाकर 4 बड़े लेबर कोड्स बनाए गए हैं। इसका मकसद है कि फैक्ट्री और मजदूरों से जुड़े पुराने और जटिल नियमों को बदलकर उन्हें आसान और आधुनिक बनाया जाए, ताकि कामकाज की व्यवस्था साफ और सरल हो सके।
ग्रेच्युटी क्या होती है?
ग्रेच्युटी वो रकम है जो कंपनी अपने कर्मचारी को लंबे समय तक काम करने के बदले बतौर आभार देती है। पहले ये पैसा पाने के लिए कम से कम पांच साल की लगातार नौकरी जरूरी थी। रिटायरमेंट, इस्तीफा या नौकरी खत्म होने पर ही ये रकम दी जाती थी।
सबसे बड़ा बदलाव ग्रेच्युटी को लेकर किया गया है। अब कर्मचारियों को 5 साल की जगह 1 साल की नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी दी जाएगी। पहले सिर्फ पर्मानेंट कर्मचारियों को ही ग्रेच्युटी दी जाती थी, लेकिन अब ग्रेच्युट का दायरा दिया गया है। लेकिन क्या आपको पता है इसका लाभ किन किन कर्मचारियों को मिलेगा? आइए जानते हैं…
- निश्चित अवधि के कर्मचारी: फिक्स्ड टर्म कर्मचारी या निश्चित अवधि के कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा। इन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ मिलेंगे, जिनमें छूट्टी, हेल्थ और सोशल सिक्योरिटी भी दी जाएगी। इन कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा।
- महिला कर्मचारियों: संगठित सेक्टर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा। महिला कर्मचारियों को अब नाइट शिफ्ट में भी काम करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही सभी सेक्टर्स में महिलाओं को काम करने का अधिकार दिया गया है।
- युवा कर्मचारियों: युवा कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी दी गई है। हर कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के आधार पर वेतन मिलेगा।
- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी: कॉन्टैक्ट्र पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी ग्रेच्युटी को डिफाइन किया गया है। इस सेक्टर के कर्मचारियों के 1 साल की नौकरी करने के बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा।
बता दें नए लेबर कोड के तहत संगठित क्षेत्र, असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स, माइग्रेंट वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और महिला कर्मचारियों सभी को शामिल किया गया है। इसके तहत मिनिमम सैलरी, समय पर सैलरी सभी कर्मचारियों को दिया जाएगा। गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी जैसे पीएफ, पेंशन और अन्य लाभ दिया जाएगा।