वर्ष 2025 में पंचकूला पुलिस ने 162 बच्चो समेत 488 गुमशुदा व बिछड़े लोगों को सुरक्षित रूप से अपनों से मिलवाया

Panchkula Police :– वर्ष 2025 के दौरान पंचकूला पुलिस ने अपनी संवेदनशील, सक्रिय का परिचय देते हुए कुल 488 गुमशुदा एवं बिछड़े लोगों को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलवाने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि पुलिस की थाना-चौकी, साइबर सेल, ईआरवी तथा दुर्गा शक्ति व फील्ड में मौजूद टीमों के सामूहिक प्रयासों […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 01 Jan 2026 17:07:PM
वर्ष 2025 में पंचकूला पुलिस ने 162 बच्चो समेत 488 गुमशुदा व बिछड़े लोगों को सुरक्षित रूप से अपनों से मिलवाया

Panchkula Police :– वर्ष 2025 के दौरान पंचकूला पुलिस ने अपनी संवेदनशील, सक्रिय का परिचय देते हुए कुल 488 गुमशुदा एवं बिछड़े लोगों को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलवाने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि पुलिस की थाना-चौकी, साइबर सेल, ईआरवी तथा दुर्गा शक्ति व फील्ड में मौजूद टीमों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

पुलिस द्वारा मिलवाए गए कुल 488 लोगों में से 18 वर्ष से कम आयु के 162 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 40 बालक और 122 बालिकाएं हैं। आयु वर्ग के अनुसार, 0 से 5 वर्ष के बीच 12 बच्चे (5 बालक व 7 बालिकाएं), 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग में 36 बच्चे (17 बालक व 19 बालिकाएं) तथा 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग में 114 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 18 किशोर एवं 96 किशोरियां हैं।

इसी प्रकार, 18 से 35 वर्ष की आयु श्रेणी में पंचकूला पुलिस ने 255 गुमशुदा व्यक्तियों को ट्रेस किया, जिनमें 55 पुरुष एवं 200 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 35 वर्ष से अधिक आयु के 71 लोगों को भी पुलिस ने ढूंढकर उनके परिजनों तक पहुंचाया, जिनमें 44 पुरुष और 27 महिलाएं हैं।

इस संबंध में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जिले की थाना एवं चौकी स्तर की टीमों ने साइबर सेल तथा फील्ड में सक्रिय ईआरवी व दुर्गा शक्ति टीमों के सहयोग से लगातार प्रयास करते हुए इन सभी गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित ढूंढा और उनके घर पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कई मामले ऐसे भी सामने आए, जहां लोग घरेलू नाराजगी या अन्य कारणों से ट्रेन व बसों के माध्यम से अन्य राज्यों तक पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस टीमों ने लगातार कोशिश कर उन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलवाया।

डीसीपी ने आगे बताया कि इस दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आईं, क्योंकि कई गुमशुदा व्यक्ति मानसिक रूप से इतने सक्षम नहीं थे कि वे अपना नाम, पता या पहचान बता सकें। ऐसे मामलों में फील्ड में तैनात टीमों ने व्हाट्सएप ग्रुप्स, स्थानीय स्तर पर भ्रमण, तकनीकी सहायता एवं अन्य आधुनिक तरीकों का उपयोग कर पहचान सुनिश्चित की और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने का कार्य किया।

पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज का बयान: बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षित घर वापसी हमारी प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी पंचकूला पुलिस हर बिछड़े व्यक्ति के लिए भरोसे की किरण बनी रहेगी।

अंत में डीसीपी ने आमजन से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं कोई लापता या भटका हुआ व्यक्ति दिखाई दे, तो वे तुरंत डायल 112, नजदीकी थाना या चौकी में सूचना दें, ताकि समय रहते उस व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाया जा सके।

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