किश्तवाड़ में आपदा ! बादल फटने से मची तबाही, बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा, 167 लोगों का रेस्क्यू, पीएम मोदी ने जताया दुख
Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फट गया है। बादल फटने भारी तबाही की आशंका है। इस घटना में अब तक 50 से ज्यादा जानें गई हैं और कई लोग अभी भी लापता हैं। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
Kishtwar Cloudburst Death Toll: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर पहाड़ी गांव चशोती में बृहस्पतिवार को बादल फटने से सीआईएसएफ के दो जवानों समेत कम से कम 52 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के अब भी फंसे होने की आशंका है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राहत और बचाव कार्य जारी है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ में बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, NDRF और SDRF अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने जताया दुख
वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
गृहमंत्री ने दिया मदद का आश्नासन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है। NDRF की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
सीएम ने रद्द किए सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम
सीएम अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द किए
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ जिले में बृहस्पतिवार को बादल फटने से हुई जनहानि के बाद शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘एट होम’ चाय पार्टी और सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।’ अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई त्रासदी के मद्देनजर, मैंने कल (शुक्रवार) शाम को ‘एट होम’ चाय पार्टी रद्द करने का निर्णय किया है।”
जाने कब, क्या हुआ
बता दें कि यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के लिए किश्तवाड़ में पड्डर सब-डिवीजन में चशोटी गांव पहुंचे थे। यह यात्रा का पहला पड़ाव है। बादल वहीं फटा है, जहां से यात्रा शुरू होने वाली थी। यहां श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें थीं। सभी बाढ़ के पानी में बह गए।
मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में होती है। इसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी। यह रूट जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किमी लंबा है और इसमें पद्दर से चशोटी तक 19.5 किमी की सड़क पर गाड़ियां जा सकती हैं। उसके बाद 8.5 किमी की पैदल यात्रा होती है।