शीतकाल के लिए बंद हुए भगवान केदारनाथ के कपाट, इस साल यात्रा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, दर्शन करने पहुंची सारा अली खान

Kedarnath Temple Doors: केदारनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया विशेष पूजाओं के साथ सुबह चार बजे से शुरू हो गई थी। Chardham Yatra 2025 Stopped: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अंतिम फेज […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 23 Oct 2025 15:18:PM
शीतकाल के लिए बंद हुए भगवान केदारनाथ के कपाट, इस साल यात्रा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, दर्शन करने पहुंची सारा अली खान

Kedarnath Temple Doors: केदारनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया विशेष पूजाओं के साथ सुबह चार बजे से शुरू हो गई थी।

Chardham Yatra 2025 Stopped: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अंतिम फेज में है। भैया दूज के मौके पर केदारनाथ के कपाट बंद हो गए हैं। पहले 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए थे। केदारनाथ के कपाट सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर पूरे विधि विधान के साथ बंद हुए। कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव डोली हजारों श्रद्धालुओं के साथ अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास खरसाली के लिए रवाना हुई। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. केदारनाथ में उन्होंने पूजा-पाठ किया।

उमड़ा भक्तों का सैलाब

आने वाले 6 महीने मां यमुना अपने मायके खरसाली में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो गए। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ा। हर कोई बाबा के दर्शन कर खुद को धन्य कर लेना चाहता है। इस दौरान बाबा केदार के जयकारों से धाम गूंज उठा।

कपाट बंद करने की प्रक्रिया

कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर को पुष्पों से भव्य रूप में सजाया गया। सेना के बैंड की भक्ति धुनों और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष के साथ मंदिर परिसर श्रद्धाभाव से गूंज उठा। ठंडे मौसम के बावजूद करीब 10 हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने की ऐतिहासिक घड़ी के साक्षी बने। कपाट बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रहममुहूर्त में श्री केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी बागेशलिंग एवं आचार्यगणों द्वारा यज्ञ, हवन एवं समाधि पूजन किया गया।

कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य दृश्य के दर्शन किए और बाबा के चरणों में नमन किया। इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, मंत्री पंडित अंकित प्रसाद सेमवाल, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पुजारी बागेश लिंग, आचार्य संजय तिवारी और अखिलेश शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

17.39 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

इस वर्ष केदारनाथ यात्रा अत्यंत सफल रही, यात्रा के दौरान कुल 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। कपाट बंद होने की पूर्व संध्या तक भी पांच हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे थे। फिलहाल धाम में कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है और बुधवार दोपहर बाद यहां घना कोहरा छा गया था, जिससे तीर्थयात्रियों को शाम ढलते ही अपने ठहराव स्थलों पर लौटना पड़ा। इसी क्रम में आज दोपहर 12:30 बजे मां यमुना के यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए। इसके बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति को पारंपरिक डोली में खरसाली गांव ले जाया जाएगा, जहां सर्दियों में उनकी पूजा-अर्चना होगी।

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