करनाल अनाज मंडी में जोरदार प्रदर्शन, गेहूं खरीद के नए नियमों पर उठे सवाल
करनाल की नई अनाज मंडी में उस समय हलचल तेज हो गई जब इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के कार्यकर्ता गेहूं की खरीद को लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे। जहां एक ओर प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का दावा कर रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े करते हुए किसानों की परेशानियों को प्रमुख मुद्दा बनाया।
प्रशासनिक दावे बनाम जमीनी हकीकत हाल ही में उपायुक्त उत्तम सिंह द्वारा मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। लेकिन इनेलो नेताओं का कहना है कि कागजों में भले ही सब कुछ सुचारू दिखे, हकीकत में किसानों को कई नई प्रक्रियाओं से जूझना पड़ रहा है।
नए नियमों पर इनेलो का कड़ा विरोध इनेलो के प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर राणा ने सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर-ट्रॉली नंबर का पूर्व पंजीकरण जैसे प्रावधान मंडी की गति को बाधित करेंगे। उनका कहना है कि मंडी का सीजन सीमित समय का होता है, ऐसे में इन प्रक्रियाओं से जाम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।
किसान-आढ़ती संबंध में दखल पर आपत्ति यशवीर राणा ने जोर देकर कहा कि किसान और आढ़ती के बीच वर्षों से बना तालमेल ही मंडियों की रीढ़ है। सरकार को केवल फसल खरीदकर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, न कि लेन-देन की प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अन्य राज्यों के किसानों को हरियाणा की मंडियों में फसल बेचने से रोकना उचित नहीं है।
हर समय किसानों के साथ रहने का दावा इनेलो ने घोषणा की कि पार्टी के कार्यकर्ता 24 घंटे मंडियों में मौजूद रहेंगे और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देंगे। नेताओं का कहना है कि यह संघर्ष केवल नियमों के खिलाफ नहीं, बल्कि किसान के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है।
नेतृत्व का स्पष्ट संदेश पार्टी के पूर्व महासचिव सुरजीत संधू ने बताया कि वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने साफ कहा है कि यदि किसानों को परेशानी होती है तो वे खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठकर मंडियों में पहुंचेंगे। यह संदेश सीधे तौर पर सरकार को चेतावनी और किसानों को समर्थन का संकेत माना जा रहा है।
नीतियों पर सवाल और पुराने घोटालों का जिक्र सुरजीत संधू ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई नीतियां किसानों को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई हैं, जबकि वास्तविक घोटाले अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए हैं। उन्होंने धान घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के बावजूद अभी तक पूरी रिकवरी नहीं हुई है। लगातार खरीद की मांग इनेलो नेताओं ने मांग की कि जिस तरह खेतों में 24 घंटे फसल कटाई होती है, उसी तरह मंडियों में भी खरीद प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए। उनका कहना है कि किसानों को समय और नियमों के बंधन में बांधना उनकी मेहनत के साथ अन्याय है।