Meta का फेसबुक पर बड़ा एक्शन! डिलीट किए 1 करोड़ अकाउंट्स, कारण जान हो जाएगें हैरान
Facebook Accounts: Meta ने एक बड़ी जानकारी शेयर की है और बताया है कि उसने 1 करोड़ Facebook अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। Meta का कहना है कि वो फेसबुक फीड को ज्यादा रियल और यूजफुल बनाना चाहता है।
Meta’s big action on Facebook: साल 2025 के पहले छह महीनों में Meta ने फेसबुक से करीब 1 करोड़ फेक (फर्जी) अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। ये कदम कंपनी ने स्पैमी और नकली कंटेंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत उठाया है। कंपनी ने इन अकाउंट्स को इस साल की पहली छमाही में डिलीट किया है, जिसको कंपनी ने Spammy Content का नाम दिया है।
Meta का कहना है कि वो फेसबुक फीड को ज्यादा रियल और यूजफुल बनाना चाहता है, ताकि यूजर्स को असली और काम का कंटेंट मिले, न कि बॉट्स या AI से बने फर्जी वीडियो और पोस्ट।
फेमस क्रिएटर्स की नकल कर रहे थे ये अकाउंट
Meta के मुताबिक, ये फर्जी अकाउंट्स असली बड़े क्रिएटर्स की नकल (Impersonation) कर रहे थे। इनका मकसद फेसबुक के एल्गोरिदम का फायदा उठाकर ज्यादा लोगों तक पहुंचना और फॉलोअर्स बटोरना था। इसके अलावा, 5 लाख और अकाउंट्स को “इनऑथेंटिक बिहेवियर” (गैर-ईमानदार व्यवहार) के लिए सजा दी गई।
अब असली क्रिएटर्स को मिलेगा फायदा
Meta ने अपने ब्लॉगपोस्ट में बताया है कि मेटा ने ओरिजनल कंटेंट क्रिएटर्स स्पेशली यूनिक इमेज या वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को रिवॉर्ड देने के लिए नई नीति की जानकारी दी है। साथ ही कंपनी अब डुप्लिकेट कंटेंट का पता लगाने और उसकी रीज को कम करने के लिए एक तकनीक का उपयोग करेगी।
कंपनी ने एक नई टेक्नोलॉजी डेवलप की है, जो किसी भी डुप्लीकेट कंटेंट को पहचान सकती है। अगर कोई क्रिएटर असली नहीं है या किसी और का कंटेंट बिना क्रेडिट के पोस्ट करता है, तो उसकी reach घटा दी जाएगी।
AI को लेकर बड़ा दांव खेलने जा रही कंपनी
Meta के CEO Mark Zuckerberg ने भी हाल ही में कहा कि कंपनी अब AI को लेकर बड़ा दांव खेलने जा रही है। वह “सैकड़ों अरब डॉलर” खर्च कर एक सुपर AI इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं और अगले साल तक Meta का पहला AI सुपरक्लस्टर भी लॉन्च होने जा रहा है। जैसे-जैसे AI टूल्स सस्ते और पावरफुल होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे प्लेटफॉर्म्स को यह चुनौती मिल रही है कि असली क्रिएटिविटी को नकली कंटेंट से कैसे अलग करें।
YouTube ने भी किया बड़ा बदलाव
Meta अकेला नहीं है — YouTube ने भी हाल ही में अपनी मॉनेटाइजेशन पॉलिसी अपडेट की है। अब वहां भी बार-बार दोहराया गया या बिना मेहनत वाला AI कंटेंट कमाई नहीं कर पाएगा। हां, अगर कंटेंट ओरिजिनल और वैल्यू देने वाला है, तब वो AI से बना हो तो भी चलेगा।