नीरजा मोदी स्कूल की CBSE मान्यता रद्द, छात्रा की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई

School Affiliation Cancelled: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा झटका दिया है। बोर्ड ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी (12वीं तक) की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। यह फैसला स्कूल की एक छात्रा की मौत के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लिया गया […]
Khushi
By : Updated On: 31 Dec 2025 10:39:AM
नीरजा मोदी स्कूल की CBSE मान्यता रद्द, छात्रा की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई

School Affiliation Cancelled: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा झटका दिया है। बोर्ड ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी (12वीं तक) की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। यह फैसला स्कूल की एक छात्रा की मौत के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लिया गया है।

CBSE ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है और ऐसे असुरक्षित वातावरण में छात्रों को पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

क्या है पूरा मामला

नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ने वाली 9 साल की छात्रा अमायरा की 1 नवंबर को स्कूल परिसर में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद CBSE ने मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित की थी।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि छात्रा लंबे समय से स्कूल में बुलिंग का शिकार थी। परिजनों ने करीब डेढ़ साल के दौरान कई बार शिक्षकों और स्कूल कोऑर्डिनेटरों से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से पहले के आखिरी 45 मिनटों में छात्रा ने पांच बार अपनी क्लास टीचर से मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

नए एडमिशन पर रोक, बोर्ड परीक्षा की छूट

CBSE के आदेश के अनुसार, मान्यता रद्द होने के बाद स्कूल अब नए एडमिशन नहीं ले सकेगा। साथ ही निचली कक्षाओं के छात्रों को 9वीं और 11वीं में प्रमोट करने की अनुमति भी नहीं होगी।

हालांकि राहत की बात यह है कि सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं के छात्र उसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे।
वर्तमान में 9वीं और 11वीं में पढ़ रहे छात्रों को सत्र 2026-27 में नजदीकी अन्य स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा।

CBSE ने यह भी साफ किया कि स्कूल सत्र 2027-28 से सेकेंडरी स्तर (9वीं-10वीं) की मान्यता के लिए दोबारा आवेदन कर सकता है, बशर्ते सभी सुरक्षा और बाल संरक्षण मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। इसके बाद ही सीनियर सेकेंडरी स्तर की मान्यता पर विचार होगा।

फोरेंसिक जांच प्रभावित करने के आरोप

CBSE की जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि घटना के बाद स्कूल परिसर से खून के धब्बे साफ कर दिए गए थे। बोर्ड ने इसे फोरेंसिक जांच को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला बताया है और इसे जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाला कदम माना है।

जांच में सामने आईं बड़ी खामियां

CBSE की कमेटी ने स्कूल में कई गंभीर कमियां पाईं—

  • छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी बुनियादी इंतजामों का अभाव
  • CCTV निगरानी व्यवस्था नाकाफी
  • ऊंची मंजिलों पर सेफ्टी नेट और मजबूत रेलिंग का न होना
  • प्रभावी काउंसलिंग सिस्टम की कमी
  • एंटी-बुलिंग, POCSO और चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियों का सिर्फ कागजी अस्तित्व
  • स्टूडेंट्स और स्टाफ द्वारा ID कार्ड का नियमित उपयोग न होना
  • हर फ्लोर पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती न होना

इन सभी कमियों को छात्रा की मौत से जुड़े अहम कारणों के तौर पर देखा गया है।

20 नवंबर को जारी हुआ था नोटिस

CBSE ने 20 नवंबर 2025 को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। स्कूल की ओर से दिया गया जवाब और दस्तावेज बोर्ड को संतोषजनक नहीं लगे।

बोर्ड का कहना है कि यदि स्कूल ने तय सुरक्षा, निगरानी और काउंसलिंग प्रोटोकॉल का पालन किया होता, तो यह घटना रोकी जा सकती थी।
इसी आधार पर स्कूल पर CBSE एफिलिएशन बायलॉज के क्लॉज 2.4, 4.7.6 और 4.7.10 के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

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