Palwal के छांयसा गांव में ‘काला पीलिया’ का प्रकोप, 7 मौतें; हेपेटाइटिस B और C के मामले सामने आए
Palwal administration action; पलवल जिला के उपमंडल हथीन के गांव छांयसा में ‘काला पीलिया’ नाम से एक गंभीर बीमारी फैलने की खबर सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह बीमारी पिछले एक महीने से गांव में तेजी से फैल रही है, जिससे पूरे गांव में खौफ का माहौल बना हुआ है।
गांव के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती लापरवाही और समय पर जागरूकता अभियान न चलाए जाने के कारण बीमारी ने व्यापक रूप ले लिया। ग्रामीणों का दावा है कि इस बीमारी की चपेट में आने से अब तक करीब 15 से 20 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। साथ ही, कई अन्य लोग भी बीमार बताए जा रहे हैं।
हालांकि, पिछले एक सप्ताह से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डेरा डाले हुए है। डॉक्टरों की टीम घर-घर जाकर लोगों का मेडिकल चेकअप कर रही है और बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूक कर रही है। इसके अलावा, गांव के पानी के सैंपल भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बीमारी के मुख्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। विभाग ने ग्रामीणों से स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।
गांव में लगातार हो रही मौतों की खबर से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
वहीं पलवल उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने गांव छांयसा का दौरा किया और गांव में फैल रही बीमारी को लेकर ग्रामीणों से बातचीत कर मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम अप्रितम सिंह हथीन,सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ भी मौजूद थे।
उपायुक्त ने कहा कि छांयसा गांव में पिछले कुछ दिनों में 7 लोगों की मौत हुई है। मुख्यत:गांव में पीलिया की बीमारी के लक्षण पाए गए है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में कैंप लगाकर लोगों के खून के सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट के अनुसार 20 लोगों में हेपेटाइटिस सी और 7 केस हेपेटाइटिस बी के पाए गए है। उपायुक्त ने कहा कि बीमारी के फैलने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराऐं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में कैंप लगाया गया है। बीमार व्यक्ति कैंप में आकर अपना इलाज करवाऐं। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई व्यक्ति नशे का आदि है और निडल का प्रयोग करता है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को दें। जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।