23 वर्षीय युवक की मौत पर परिवार को बड़ी राहत, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 35.18 लाख किया

Latest News: हरियाणा में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय संदीप के परिवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सोनीपत के फैसले में संशोधन करते हुए मुआवजे की राशि 21.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 35.18 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले से परिवार […]
Khushi
By : Updated On: 21 Feb 2026 16:33:PM
23 वर्षीय युवक की मौत पर परिवार को बड़ी राहत, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 35.18 लाख किया
Punjab and Haryana High Court

Latest News: हरियाणा में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय संदीप के परिवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सोनीपत के फैसले में संशोधन करते हुए मुआवजे की राशि 21.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 35.18 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले से परिवार को 14.07 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।

जस्टिस संदीप शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए 31 जनवरी 2019 के फैसले में बदलाव किया। कोर्ट ने कहा कि बढ़ाई गई मुआवजा राशि पर केस दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक 9% सालाना ब्याज भी दिया जाएगा।

ट्रिब्यूनल ने सही आमदनी नहीं मानी

अपील करने वाली सुमन शर्मा और परिवार के अन्य लोगों ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने संदीप की सही आमदनी नहीं मानी। रिकॉर्ड के मुताबिक वह एक निजी कंपनी में काम करता था और जुलाई 2017 की सैलरी स्लिप में उसकी महीने की आय 14,412 रुपये थी। फिर भी ट्रिब्यूनल ने उसकी आय सिर्फ 9,000 रुपये प्रतिमाह मान ली थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन कानून के तहत मामले जल्दी निपटाए जाते हैं, इसलिए सैलरी स्लिप को छोटी-मोटी तकनीकी वजह से खारिज करना ठीक नहीं था। कोर्ट ने संदीप की मासिक आय 14,500 रुपये मान ली।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए मुआवजे की दोबारा गणना की। संदीप की उम्र 23 वर्ष होने के कारण 18 का गुणक लगाया गया और भविष्य में आय बढ़ने की संभावना को देखते हुए उसकी आमदनी में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी जोड़ी गई।

नई गणना के मुताबिक मासिक निर्भरता 15,225 रुपये मानी गई और इसी आधार पर कुल निर्भरता 32,88,600 रुपये तय की गई। इसके साथ 15,000 रुपये संपत्ति हानि, 15,000 रुपये अंतिम संस्कार खर्च और 2,00,000 रुपये पारिवारिक व अन्य मदों के लिए जोड़े गए। इस तरह कुल मुआवजा 35,18,600 रुपये निर्धारित किया गया।

दो माह में जमा करनी होगी राशि

कोर्ट ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह दो माह के भीतर बढ़ी हुई राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित अधिकरण में जमा कराए। ट्रिब्यूनल को पूर्व निर्धारित अनुपात के अनुसार राशि सीधे आश्रितों के बैंक खातों में वितरित करने के आदेश दिए गए हैं। फैसले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है।

इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ित परिवारों को वास्तविक, न्यायसंगत और मानवीय आधार पर राहत देना है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजे का निर्धारण यांत्रिक नहीं, बल्कि संवेदनशील दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिल सके।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad