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रोहतकः कला प्रदर्शनी के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर

रोहतक, 7 मई। रोहतक के दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय मंे चल रही कला प्रदर्शनी-अभिव्यंजना का गुरूवार को समापन हो गया। समापन समारोह के अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया और कला प्रदर्शनी का […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 07 May 2026 16:11:PM
रोहतकः कला प्रदर्शनी के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर

रोहतक, 7 मई। रोहतक के दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय मंे चल रही कला प्रदर्शनी-अभिव्यंजना का गुरूवार को समापन हो गया। समापन समारोह के अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया और कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में शानदार कलाकृति प्रदर्शित करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कला प्रदर्शनी का शुभारंभ 3 मई को राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने किया था। कला प्रदर्शनी मंे विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियांे का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कॉफी टेबल बुक भी विमोचन किया गया। भाजपा के राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया और पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मनीष ग्रोवर भी समारोह में मौजूद रहे।

समारोह के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कला प्रदर्शनी की सराहना की। उन्हांेने कहा कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि मानसिक तनाव भी दूर करती है। उन्होंने हरियाणा की लोक परंपरा, विरासत और संस्कृति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हरियाणा कला परिषद के माध्यम से प्रदेश के कलाकारों को बढावा दिया जाता है। उन्होंने हरियाणा की सांग विधा का खास तौर पर जिक्र किया। जिसे जिंदा रखने की जरूरत है। इसी साथ उन्होंने विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कला संस्कृति के माध्यम से ही विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं। उन्होंने खास तौर पर दक्षिण भारतीय राज्यों का उदाहरण दिया, जहां मौजूदा समय में हिंदी फिल्मों को खूब पसंद किया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की योजना- वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानि एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर वन डिस्ट्रिक्ट वन आर्ट यानि एक जिला एक कला शुरू किए जाने की सलाह दी। दरअसल एक जिला एक उत्पाद योजना का का उद्देश्य देश के हर जिले से कम से कम एक स्थानीय उत्पाद को चिन्हित कर उसे ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसका मुख्य लक्ष्य स्थानीय कौशल को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना और उत्पादकों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाकर संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है। मनोहर लाल खट्टर ने पलवल जिला के बंचारी के नगाड़ा वादन, रोहतक-झज्जर की सांग परंपरा, नारनौल के धमाल, सिखों की पारंपरिक व ऐतिहासिक युद्धकला गतका का उदाहरण दिया।

वहीं, राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया ने भी विद्यार्थियों की हौसला अफजाई की। उन्हांेने कहा कि मौजूदा समय में भागदौड़ की जिंदगी में कला के माध्यम से ही तनाव दूर किया जा सकता है। इसी के साथ उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों की भी सराहना की। संजय भाटिया ने कला व संस्कृति को बढावा देने के लिए राज्यसभा सदस्य के तौर पर दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय को 11 लाख रूपए देने की घोषणा की।

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