अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच तुर्किये में आज दूसरे दौर की वार्ता, क्या संघर्ष होगा खत्म?

Afghanistan Pakistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 2,611 किलोमीटर लंबी दुर्लभ लाइन हमेशा से विवादों में रही है। अफगानिस्तान इस सीमा को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं देता, जिससे बार-बार झड़पें होती रहती हैं। Afghanistan Pakistan Peace Talk: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच आज दूसरे दौर की शांति वार्ता इस्तांबुल में होगी, जिसकी […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 25 Oct 2025 15:16:PM
अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच तुर्किये में आज दूसरे दौर की वार्ता, क्या संघर्ष होगा खत्म?

Afghanistan Pakistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 2,611 किलोमीटर लंबी दुर्लभ लाइन हमेशा से विवादों में रही है। अफगानिस्तान इस सीमा को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं देता, जिससे बार-बार झड़पें होती रहती हैं।

Afghanistan Pakistan Peace Talk: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच आज दूसरे दौर की शांति वार्ता इस्तांबुल में होगी, जिसकी मेजबानी तुर्की सरकार के प्रतिनिधि करेंगे। वहीं तालिबान सरकार के उप गृह मंत्री हाजी नजीब इस्तांबुल जा रहे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की जानकारी सामने नहीं आई है। आज इस्तांबुल में होने वाली बैठक में स्थायी युद्धविराम और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्तांबुल में दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्लभ लाइन (दुरंध लाइन) पर बढ़ते तनाव को कम करना और अफगान मिट्टी से होने वाले आतंकी हमलों को रोकना है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारी सीमा तनाव का बातचीत के जरिए समाधान खोजने और अफगान धरती से आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दूसरे दौर की वार्ता करने वाले हैं। पहले दौर की बैठक 19 अक्टूबर को कतर के दोहा में आयोजित हुई थी, जहां कतर और तुर्किए की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने सीमा पर तत्काल शांति सुनिश्चित करने पर सहमति जताई थी। उस बैठक के बाद सीमा पर कुछ हद तक शांति बहाल हुई है।

कई मुद्दों पर होगी चर्चा

अफगानिस्तान की ओर से अंतरिम सरकार के आंतरिक मंत्रालय के उप मंत्री मौलवी रहमतुल्लाह नजीब के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल वार्ता में भाग लेगा। अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पुष्टि की है कि बैठक में बाकी बचे मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी, जिसमें सीमा सुरक्षा और पारस्परिक विश्वास बहाली शामिल है। इसमें तुर्किए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जो दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने में सहायक साबित हो रहा है।

सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 2,611 किलोमीटर लंबी दुर्लभ लाइन हमेशा से विवादों में रही है। अफगानिस्तान इस सीमा को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं देता, जिससे बार-बार झड़पें होती रहती हैं। 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे संगठनों ने अफगान सीमा से हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में सैनिकों और नागरिकों दोनों की जानें गई हैं।

हाल ही में स्पिन बोल्डक सीमा क्रॉसिंग को करीब दो सप्ताह के लिए बंद करना पड़ा था, जब अफगान और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की आंतरिक नीतियों से जोड़ता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इस्तांबुल वार्ता अगर सफल रही, तो न केवल सीमा पर शांति लौटेगी, बल्कि दक्षिण एशिया में व्यापार और लोगों के आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।

संघर्ष और हिंसा से क्या पड़ा असर?

ताजा संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने डूरंड लाइन को बंद करने के मकसद से बार्ड लगाने की कोशिश की तो सैनिकों और लोगों में हिंसक झड़पें हुईं। अब डूरंड लाइन बंद है तो अफगानिस्तान के ‘चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के अनुसार व्यापारियों को रोजाना लाखों डॉलर का नुकसान हो रहा है। सीमा बंद होने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और वे बेघर हो गए हैं। सीमा बंद होने से व्यापार मार्ग बंद हुआ, जिस वजह से दोनों देशों के व्यापार रुक गए हैं और व्यापारियों को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad