शहीदों के बलिदान से ही सुरक्षित है देश की आज़ादी – स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 23 मार्च। शहीदी दिवस के अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 23 मार्च का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक है। यह दिन हमें महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर के अद्वितीय बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष का जो संदेश दिया, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत हमें यह सिखाती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है। देशहित में किया गया प्रत्येक त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। उनके साहस, त्याग और समर्पण ने देशवासियों को स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया और एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी।
आरती सिंह राव ने कहा कि वर्तमान समय में शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही हम एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शहीद परिवारों को सहयोग और सम्मान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और उनके सम्मान में कोई कमी न आने दें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे वर्तमान और भविष्य का मार्गदर्शक है। उनके आदर्श हमें हर परिस्थिति में राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
आरती सिंह राव ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का नाम सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और उनका बलिदान हर भारतीय के दिल में राष्ट्रभक्ति की भावना को सदा जीवित रखेगा।