H1-B वीज़ा के नियमों को अमेरिका ने फिर किया कड़ा, गवर्नर ने जारी कर दिए आदेश, इस राज्य में H1B वीजा वालों को नहीं मिलेगी नौकरी
Florida H1B Visa Ban: नया नियम लागू होने के बाद, अगर वर्क परमिट की अवधि समाप्त हो जाती है और रिन्युअल मंजूर नहीं हुआ है, तो केवल एक दिन बाद ही कर्मचारी की काम करने की अनुमति खत्म हो जाएगी।
Florida Governor Ron DeSantis banned H-1B visas: अमेरिका के राज्य फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसेंटिस (Ron DeSantis) ने राज्य की यूनिवर्सिटी में H-1B वीजा पर रोक लगा दी है। उन्होंने यूनिवर्सिटीज से विदेशी कर्मचारियों के बजाय अमेरिकियों को नौकरी पर रखने का आदेश दिया है। उन्होंने वीजा के गलत इस्तेमाल और टैक्सपेयर के पैसे से मिलने वाली नौकरियों के लिए लोकल ग्रैजुएट को प्राथमिकता देने की अपील की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसेंटिस ने बुधवार 29 अक्टूबर को ऐलान किया कि राज्य की यूनिवर्सिटी को अब H-1B वीजा वाले विदेशी लोगों को नौकरी पर रखने की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने संस्थानों को लगभग सभी पदों पर अमेरिकी नागरिकों और फ्लोरिडा के रहने वालों दो प्राथमिकता देने का आदेश दिया है।
डीसेंटिस ने कहा
“देशभर की यूनिवर्सिटी H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को ला रही हैं, बजाय इसके कि वे काबिल और नौकरी के लिए उपलब्ध अमेरिकियों को नौकरी पर रखें। हम फ्लोरिडा के संस्थानों में H-1B का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसीलिए मैंने फ्लोरिडा बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को इस तरीके को खत्म करने का निर्देश दिया है।”
क्या है नया नियम?
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा जारी नए अंतरिम अंतिम नियम के तहत, अगर किसी विदेशी कर्मचारी का वर्क परमिट नवीनीकरण आवेदन समय पर मंजूर नहीं होता है, तो वह अपने पुराने परमिट की समाप्ति के तुरंत बाद काम करना बंद करने के लिए बाध्य होगा। पहले तक विदेशी कर्मचारी अपने वर्क परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद भी 540 दिन (लगभग 18 महीने) तक काम जारी रख सकते थे, यदि उनका नवीनीकरण आवेदन लंबित था।
भारतीय कर्मचारियों पर सबसे बड़ा असर
अमेरिका में विदेशी कार्यबल का बड़ा हिस्सा भारतीय पेशेवरों का है, जिनमें से अधिकतर H-1B वीज़ा धारक हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं जो ग्रीन कार्ड के लिए वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं, साथ ही उनके जीवनसाथी (H-4 वीज़ा धारक) भी जो अपने वर्क परमिट पर निर्भर हैं। साथ ही, STEM क्षेत्र में OPT (ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) पर काम कर रहे छात्र भी इस बदलाव से प्रभावित होंगे।