भारत के इन राज्यों में किसान आत्महत्या सबसे ज्यादा, NCRB की रिपोर्ट में ये स्टेट टॉप पर; वजह कर देगी हैरान

Farmer Suicide NCRB report: भारत को खेती-किसानी वाला देश कहा जाता है।हालांकि, कई वजहों से किसान अपनी जान गंवा देते हैं. हाल ही में आई NCRB की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। Farmer Suicide NCRB report: सबसे ज्यादा दुख की बात यह होती है कि किसान और खेतों में काम करने वाले मजदूर […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 14 Oct 2025 17:52:PM
भारत के इन राज्यों में किसान आत्महत्या सबसे ज्यादा, NCRB की रिपोर्ट में ये स्टेट टॉप पर; वजह कर देगी हैरान

Farmer Suicide NCRB report: भारत को खेती-किसानी वाला देश कहा जाता है।हालांकि, कई वजहों से किसान अपनी जान गंवा देते हैं. हाल ही में आई NCRB की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

Farmer Suicide NCRB report: सबसे ज्यादा दुख की बात यह होती है कि किसान और खेतों में काम करने वाले मजदूर अक्सर पैसों की कमी, कर्ज और फसल खराब होने जैसी परेशानियों से परेशान रहते हैं। इन सब कारणों की वजह से हर साल कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। कुछ राज्यों में बड़ी संख्या में किसानों की आत्महत्या होना यह बताता है कि हमें उनके जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए उनका साथ देना होगा और कुछ मजबूत कदम उठाने होंगे। जब तक किसानों की पैसों की हालत और समाज में उनकी स्थिति अच्छी नहीं होगी, तब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी।

किसान आत्महत्याओं की संख्या

NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में खेती से जुड़े 10,700 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की। इनमें से 38.5% मामले महाराष्ट्र से और 22.5% कर्नाटक सबसे आगे हैं। कुल आत्महत्याओं की संख्या देशभर में 1,71,418 रही. इनमें से 66.2% लोग ऐसे थे, जिनकी साल भर की कमाई एक लाख रुपये से भी कम थी। 4,690 किसान और 6,096 खेतों में काम करने वाले मजदूरों ने आत्महत्या की। वहीं, आंध्रप्रदेश (8.6%) और मध्यप्रदेश (7.2%) में भी किसानों की आत्महत्या की घटनाएं नोट की गई। इसके पीछे मुख्य कारण थे जैसे कर्ज, फसल खराब होना, कमाई कम होना और पैसों की दिक्कत आना।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा आत्महत्या के केस?

किसानों की आत्महत्याओं का सबसे ज्यादा असर कुछ राज्यों में देखने को मिला। जैसे पहले नंबर पर महाराष्ट्र जिसकी संख्या 38.5% है। फिर दूसरे नंबर पर आता है कर्नाटक जिसकी संख्या 22.5% है। तीसरे नंबर पर आता है आंध्रप्रदेश जिसकी संख्या 8.6% है। और फिर आता है मध्यप्रदेश जिसकी संख्या 7.2% है।

आत्महत्या के कुछ मुख्य कारण

किसानों की आत्महत्या के पीछे कई कारण बताए गए हैं। जैसे आमतौर पर इनमें सबसे बड़ी वजह होती है फसल खराब होना या खेती पर बढ़ता हुआ कर्ज और उसे चुकाने का दबाव भी एक बड़ी समस्या है। कई बार किसानों को अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिलती, जिससे पैसे की परेशानी बढ़ जाती है। परिवार की जिम्मेदारियां और कमाई कम होना भी उन्हें परेशान करता है। साथ ही, सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ न मिल पाना भी उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है।

किसानों की सुरक्षा और मदद

किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। इसके लिए फसल बीमा योजनाओं को आसान और असरदार बनाना चाहिए। किसानों के कर्ज पर ब्याज कम किया जाए और जरूरत पड़ने पर कर्ज माफ करने की योजनाएं लागू की जाएं। उन्हें अपनी फसल के सही पैसे मिलने चाहिए। साथ ही, किसानों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए और उन्हें अच्छी सुविधाएं दी जाए। खेती में नई तकनीक और अच्छा पानी देने की सुविधा भी दी जानी चाहिए।

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