ट्रंप की नई H-1B वीजा पॉलिसी चौंकाने वाली, ‘अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेन करो और घर जाओ…’

Donald Trump on H-1B Visa Policy: बेसेंट ने साफ कहा, “ट्रेन द यूएस वर्कर्स, देन गो होम।” यानी विदेशी एक्सपर्ट्स सिर्फ अस्थायी रूप से अमेरिका आएंगे, स्थानीय कर्मचारियों को स्किल सिखाएंगे और फिर अपने देश लौट जाएंगे।” New H-1B Visa Policy: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एक बार फिर अपने H-1B वीजा पॉलिसी में […]
ਮਨਵੀਰ ਰੰਧਾਵਾ
By : Updated On: 13 Nov 2025 13:17:PM
ट्रंप की नई H-1B वीजा पॉलिसी चौंकाने वाली, ‘अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेन करो और घर जाओ…’

Donald Trump on H-1B Visa Policy: बेसेंट ने साफ कहा, “ट्रेन द यूएस वर्कर्स, देन गो होम।” यानी विदेशी एक्सपर्ट्स सिर्फ अस्थायी रूप से अमेरिका आएंगे, स्थानीय कर्मचारियों को स्किल सिखाएंगे और फिर अपने देश लौट जाएंगे।”

New H-1B Visa Policy: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एक बार फिर अपने H-1B वीजा पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। इस बार टारगेट है विदेशी एक्सपर्ट्स को बुलाना, अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेन करना और फिर वापस भेज देना। यह नया मॉडल अमेरिकी उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसका सीधा असर भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है, जो अब तक अमेरिका के टेक सेक्टर की रीढ़ माने जाते रहे हैं।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का नया वीजा प्लान नॉलेज ट्रांसफर स्ट्रेटेजी पर आधारित है। इसका मकसद अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेन करना और लंबे समय से ठप पड़े मैन्युफैक्चरिंग, शिपबिल्डिंग और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर को फिर से खड़ा करना है।

‘ट्रेन करो और लौट जाओ’

बेसेंट ने साफ कहा, “ट्रेन द यूएस वर्कर्स, देन गो होम।” यानी विदेशी एक्सपर्ट्स सिर्फ अस्थायी रूप से अमेरिका आएंगे, स्थानीय कर्मचारियों को स्किल सिखाएंगे और फिर अपने देश लौट जाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक अमेरिकी उस नौकरी को अभी नहीं कर सकता, लेकिन ट्रेनिंग के बाद करेगा।”

अमेरिका में बढ़ी बहस

यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप की विदेशी मजदूर नीति को लेकर अमेरिका में ही काफी बहस हो रही है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे विदेशी कर्मचारियों, खासकर भारत जैसे देशों से आने वाले इंजीनियरों और टेक एक्सपर्ट्स के अवसर सीमित हो जाएंगे। वहीं, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी को मजबूत करेगा और घरेलू रोजगार सृजन में मदद करेगा।

टैलेंट की कमी का तर्क

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका के पास कुछ सेक्टर्स में टैलेंट की कमी है और विदेशी एक्सपर्ट अस्थायी तौर पर आकर इस कमी को पूरा कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि आप बेरोजगार लोगों को सीधे मिसाइल बनाने नहीं कह सकते। इसके साथ ही बेसेंट ने यह भी खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन USD 2000 टैक्स रिबेट देने की योजना पर विचार कर रहा है, जो 1 लाख डॉलर से कम कमाने वाले परिवारों के लिए होगा।

भारतीयों पर असर तय

एक्सपर्ट का कहना है कि नया H-1B वीजा मॉडल अमेरिकी उद्योगों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बना सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों के लिए यह ब्रेन ड्रेन रिवर्सल जैसा झटका साबित हो सकता है।

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