मुख्यमंत्री पंजाब जाएं तो एसवाईएल नहर पर भी बात किया करें – पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला

Dushyant Chautala statement; पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चिंता जताई है कि हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में श्रमिकों की न्यूनमत आय बढ़ाने से लाखों श्रमिक विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए अयोग्य हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब एक दर्जन ऐसी योजनाएं चल रही हैं जिनके लिए पात्रता सालाना आय 1 लाख […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 11 Apr 2026 18:52:PM
मुख्यमंत्री पंजाब जाएं तो एसवाईएल नहर पर भी बात किया करें – पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला

Dushyant Chautala statement; पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चिंता जताई है कि हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में श्रमिकों की न्यूनमत आय बढ़ाने से लाखों श्रमिक विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए अयोग्य हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब एक दर्जन ऐसी योजनाएं चल रही हैं जिनके लिए पात्रता सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होनी जरूरी है। अब चूंकि श्रमिकों की हर श्रेणी में न्यूनतम आय 15 हजार रुपये महीना से ज्यादा यानी एक साल में 1 लाख 80 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है इसलिए सभी पंजीकृत श्रमिक सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने से वंचित हो जाएंगे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बीपीएल राशन कार्ड, मुफ्त इलाज के लिए चिरायु हरियाणा, आकस्मिक मृत्यु पर दयालु योजना, महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के लिए चिराग योजना, विवाह शगुन योजना आदि कई सरकारी सुविधाओं के लिए पात्रता परिवार पहचान पत्र में घोषित व्यवसाय और सालाना आमदनी के हिसाब से तय होती हैं। जिस तरह बीते वर्ष हजारों लोगों की बुढ़ापा पेंशन पीपीपी के डाटा के आधार पर काट दी गई थी, वैसे ही पंजीकृत श्रमिक भी इन योजनाओं के लिए अयोग्य होने जा रहे हैं क्योंकि अब उनकी घोषित न्यूनतम मजदूरी सालाना 1.80 लाख रुपये से ज्यादा हो गई है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इन योजनाओं के लिए लाभार्थियों की सालाना आय को 2.40 लाख रुपये घोषित करे और उसे पीपीपी पॉर्टल, योजनाओं के ऑनलाइन पोर्टल आदि में अपडेट करे ताकि श्रमिक वर्ग परेशान ना हो। साथ ही उन्होंने गुड़गांव समेत कई जगहों पर निजी क्षेत्र और सरकारी विभागों के कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से गौर कर उनका समाधान करने की मांग राज्य सरकार से की।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री आए दिन पंजाब में आगामी चुनाव के लिए वोट मांगते नजर आते हैं लेकिन वहां जाकर वे एसवाईएल नहर और हरियाणा के हिस्से के पानी का जिक्र कभी नहीं करते। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के लिए वोट मांगने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के दौरे पंजाब-हरियाणा के द्विपक्षीय मसलों पर हरियाणा का पक्ष कमजोर कर रहे हैं। रोज-रोज पंजाब के लोगों के आगे वोटों के लिए हाथ जोड़ने और झोली फैलाने वाले नायब सैणी वहां की सरकार से हरियाणा का पानी मजबूती से कैसे मांगेंगे ? दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री समेत हरियाणा और केंद्र के भाजपा नेताओं ने एसवाईएल नहर पर अपना मुंह सील लिया है और पंजाब चुनाव तक इन सभी से इस मुद्दे पर बात करने की उम्मीद भी नहीं है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले वर्ष ही गर्मियों में पंजाब ने हरियाणा का पीने का पानी तक रोक लिया था और हरियाणा सरकार कुछ नहीं कर पाई थी। उन्होंने आगाह किया कि इस बार भी ऐसे हालात पैदा हुए तो हरियाणा की भाजपा सरकार वोटों के लिए फिर से हरियाणा के हितों को गिरवी रखती हुई नजर आएगी।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री के सरकारी दौरे अक्सर एक निजी हेलिकॉप्टर में देखने को मिलते हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि राज्य सरकार के पास अपने एक विमान के अलावा एक पुराना और एक पिछले साल खरीदा गया हेलिकॉप्टर है। उन्होंने कहा कि ये हैरानी का विषय है कि खुद के तीन हवाई जहाज होने के बावजूद बावजूद हरियाणा सरकार निजी हेलिकॉप्टर पर करोड़ों रुपये खर्च क्यों किए जा रही है।

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