हिमाचल में तबाही की तस्वीरें, निर्माणाधीन टनल गिरी, टनल के बीच फंसे करीब 300 पर्यटक, करसोग-गोहर में फटा बादल
Himachal Weather: हिमाचल में जून में औसत 135 मिमी बारिश हुई जबकि सामान्य बारिश 101 मिमी होती है। यह 34 प्रतिशत अधिक है। 1901 के बाद से राज्य में जून के महीने में 21वीं सबसे अधिक बारिश है।
Landslide in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के मंडी में भारी लैंडस्लाइड हो गया है। इस वजह से निर्माणाधीन बिजली टनल भर-भरा कर मलबा गिर गया। पहाड़ी से भर-भरा कर मलबा गिरने के कारण हड़कंप मच गया है और वहां काम कर रहे मजदूरों में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
इस घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें लोगों के चिल्लाने की आवाज भी सुनाई दे रही है। बिजली टनल के ऊपर एक बड़ा सा पहाड़ का हिस्सा गिर गया। तेज बारिश के कारण यहां पर बादल फटने की स्थिति है।
टनल में फंसे करीब 250 से 300 पर्यटक
मंडी जिले में तेज बारिश और भूस्खलन के कारण मंडी-मनाली नेशनल हाईवे पर टनल नंबर 11 और 13 के बीच करीब 250 से 300 पर्यटक फंस गए हैं। ये सभी लोग रात से टनल के अंदर हैं और बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, क्योंकि टनल के दोनों ओर पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं। मंडी में बादल फटने और बाढ़ के कारण अब तक 16 लापता हैं और 4 लोगों की मौत हुई है। 35 लोगों को रैस्क्यू किया गया है।
प्रशासन ने इनसे संपर्क किया है और टनल के अंदर खाना-पानी पहुंचा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक बारिश नहीं रुकती और पहाड़ से पत्थर गिरना बंद नहीं होता, तब तक टूरिस्टों को बाहर निकालना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं। मशीनें भी लगाई गई हैं, लेकिन तब तक काम शुरू नहीं हो सकता, जब तक मौसम साफ न हो।
उधर मंडी जिले के गोहर, करसोग व धर्मपुर क्षेत्र बादल फटने से अब तक चार लोगों की माैत हो चुकी है। 16 अभी तक लापता बताए जा रहे हैं। 117 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बादल फटने से 18 घर, 12 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव चलाया जा रहा है। बादल फटने के बाद करसोग में एक व्यक्ति की माैत हुई है। जबकि चार लापता लोगों की तलाश का कार्य चल रहा है। गोहर उपमंडल के स्यांज में नाै लोग लापता हैं।
बता दें कि मंगलवार सुबह ही मंडी में बादल फटने का मामला सामने आया था। इतना ही नहीं लगातार हो रही बारिश के कारण ब्यास नदी में भी पानी का स्तर बहुत बढ़ गया है और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन ने सभी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। मंडी-मनाली हाईवे को साफ करने का काम मौसम साफ होते ही शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने जताई चिंता
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। सुखविंदर सिंह सुखू ने ट्वीट कर कहा, “करसोग, धर्मपुर, मंडी सदर, नाचन और सराज क्षेत्रों में बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण जान-माल के नुक़सान के समाचार अत्यंत पीड़ादायक तथा चिंताजनक हैं। इस दुःखद घड़ी में, मैं प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही उन्हें आश्वस्त करता हूँ कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मैं ज़िला प्रशासन के निरन्तर संपर्क में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहा हूँ, ताकि ज़रूरतमंदों तक त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा सके। प्रदेशवासियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।”