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दिल्ली-गुरुग्राम आने-जाने वालों के लिए गुड न्यूज, सिग्नल-रहित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना

Delhi-Gurugram National Highway: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासी और यात्री इस खास फ्लाईओवर के बनने से यातायात समस्या के स्थायी समाधान पा सकेंगे। इससे उनके लिए आना-जाना आसान हो जाएगा। Signal-Free Elevated Corridor Planned: दिल्ली-गुड़गांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और उसके आस-पास के प्रमुख मार्गों पर यातायात की बढ़ती समस्याओं को कम करने के लिए […]
Amritpal Singh
By : Updated On: 03 Oct 2025 18:05:PM
दिल्ली-गुरुग्राम आने-जाने वालों के लिए गुड न्यूज, सिग्नल-रहित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना

Delhi-Gurugram National Highway: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासी और यात्री इस खास फ्लाईओवर के बनने से यातायात समस्या के स्थायी समाधान पा सकेंगे। इससे उनके लिए आना-जाना आसान हो जाएगा।

Signal-Free Elevated Corridor Planned: दिल्ली-गुड़गांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और उसके आस-पास के प्रमुख मार्गों पर यातायात की बढ़ती समस्याओं को कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक विशाल, सिग्नल-रहित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है। खबर के मुताबिक, लगभग 5,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का मकसद दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा समय को काफी हद तक कम करना है और एनसीआर क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौजूदा समय में यह अपने मुख्य चरण में है। यह परियोजना दिल्ली और गुरुग्राम में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए सरकार की योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दिल्ली-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर की खासियत
लंबाई: यह कॉरिडोर लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा।

मार्ग: यह फ्लाईओवर दक्षिण दिल्ली स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से शुरू होकर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक जाएगा, जो महिपालपुर बाईपास के समीप खत्म होगा।

भीड़-भाड़ में राहत: नया फ्लाईओवर वर्तमान में अत्यधिक व्यस्त NH-48 के समानांतर चलेगा, जिससे यात्रियों को एक तेज और बिना रुकावट वाला वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।

सिग्नल-रहित मार्ग: यह कॉरिडोर अपनी पूरी लंबाई में ट्रैफिक लाइटों से मुक्त होगा और वसंत विहार, वसंत कुंज, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, और नेल्सन मंडेला मार्ग से होकर गुज़रेगा।

रणनीतिक निकास: प्रमुख स्थानों जैसे IGI हवाई अड्डा और इफको चौक चौराहे पर ऑफ-रैंप निकास की व्यवस्था होगी, जिससे यातायात का प्रवाह निर्बाध रहेगा और भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।

इस प्रोजेक्ट का भविष्य और महत्व

NHAI का प्राथमिक लक्ष्य डीपीआर को जल्द से जल्द पूरा करना है, जिसमें अंतिम अनुमान, सटीक अलाइनमेंट, और निर्माण समय सारणी शामिल होगी। यातायात वृद्धि और कनेक्टिंग परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद वाहनों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए, यह परियोजना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

ट्रैफिक समस्या का मिलेगा स्थायी समाधान!

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासी और यात्री इस परियोजना से यातायात समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, निर्माण चरण के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान को न्यूनतम करने के लिए, इसे अच्छी तरह से मैनेज करना बहुत जरूरी होगा। इस परियोजना से न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एनसीआर में समग्र विकास को भी बढ़ावा देगा।

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