शराब के शौकिन दिल्लीवाले, पी रहे खुब शराब, पहली छमाही में राजस्व में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Liquor Sales in Delhi: दिल्ली में शराब की बिक्री बढ़ने से सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 6 महीनों में एक्साइज रेवेन्यू कलेक्शन में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की है। अधिकारियों ने शनिवार को ये जानकारी दी। New Liquor Policy in Delhi: दिल्ली में शराब की नई […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 05 Oct 2025 13:22:PM
शराब के शौकिन दिल्लीवाले, पी रहे खुब शराब, पहली छमाही में राजस्व में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Liquor Sales in Delhi: दिल्ली में शराब की बिक्री बढ़ने से सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 6 महीनों में एक्साइज रेवेन्यू कलेक्शन में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की है। अधिकारियों ने शनिवार को ये जानकारी दी।

New Liquor Policy in Delhi: दिल्ली में शराब की नई नीति पर असमंजस बरकरार है लेकिन शराब की बिक्री का उसपर कोई असर नहीं पड़ा है। यही वजह है वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिल्ली सरकार के आबकारी राजस्व के रूप 4,192.86 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 3,731.79 करोड़ की तुलना में करीब 12.3 फीसदी अधिक है। ये तब है जबकि दिल्ली कई पॉपुलर ब्रांड उपलब्ध नहीं है।

सरकार को हर महीने मिला 517 करोड़ का राजस्व

दिल्ली सरकार के मुताबिक मौजूद वित्तीय वर्ष में 30 सिंतबर तक प्राप्त राजस्व में 4,192.86 करोड़ के इस आंकड़े में वैट भी शामिल है। इस वर्ष हर महीने सरकार 517 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है जो कि पिछले वित्तीय वर्ष के 279 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुना है। इसमें वैट शामिल नहीं है।

इस साल की इस पहली छमाही के आबकारी राजस्व में और वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि वैट के आंकड़े केवल 16 सितंबर तक ही उपलब्ध थे। एक अधिकारी ने कहा कि बिक्री में वृद्धि के कारण 2025-26 में 6,000 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व लक्ष्य का आधा आंकड़ा पार हो गया है।

नए साल के मौके पर बिक्री में बढ़ोतरी से पार हो जाएगा लक्ष्य

अधिकारी ने आगे कहा, “बिक्री में बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 2025-26 में 6,000 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व लक्ष्य का आधा आंकड़ा पार हो गया है।” बताते चलें कि पहले ये लक्ष्य 7,000 करोड़ रुपये का था, जिसे बाद में घटाकर 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और दीपावली तथा नए साल के आसपास बिक्री में बढ़ोतरी से सालाना लक्ष्य को पार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-सितंबर अवधि में कुल मासिक उत्पाद शुल्क प्राप्तियां (वैट को छोड़कर) 279.81 करोड़ रुपये थीं, जो चालू वर्ष में 84.86 प्रतिशत बढ़कर 517.26 करोड़ रुपये हो गईं।

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