12 क्विंटल फूलों से सजे बद्रीनाथ धाम के आज से शीतकाल के लिए बंद हो रहे कपाट
Badrinath Dham Winter Closure: उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद होंगे, जिससे चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा
Badrinath Dham उत्तराखंड के पवित्र श्री बद्रीनाथ धाम में आज सर्दियों की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है। धाम के कपाट दोपहर 2:56 बजे के लिए निर्धारित मुहूर्त पर बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम का छह महीने का शीतकाल आरंभ हो जाएगा। इस अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। इस शुभ अवसर पर धाम को 12 क्विंटल गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। परिसर में सुबह से ही एक उत्सवी माहौल है, जहां भक्तों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए बद्रीनाथ पहुंचे हैं, ताकि सर्दियों के छह महीनों से पहले भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर सकें।
बर्फबारी की वजह से ठंड में बंद हो जाते हैं कपाट
केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट 23 अक्टूबर को, जबकि गंगोत्री के कपाट 22 अक्टूबर को दिवाली के अगले दिन अन्नकूट पर्व पर बंद किए गए थे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और भीषण ठंड के कारण चारों धाम के कपाट हर वर्ष अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें अगले वर्ष अप्रैल–मई में पुनः खोला जाता है। करीब छह महीन तक संचालित की जाने वाली चारधाम यात्रा को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
इस साल कितने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में देश-विदेश से करीब 51 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जिनमें हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकने आए 2.74 लाख श्रद्धालु भी शामिल हैं।प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार यमुनोत्री में 6.44 लाख, गंगोत्री में 7.58 लाख, केदारनाथ में 17.68 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किया, जबकि बदरीनाथ में रविवार तक 16.47 लाख श्रद्धालु पहुंचे। बता दें कि बदरीनाथ धाम के कपाट साल 2025 में 4 मई को खोले गए थे। इस दिन से चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ था।