26 लाख की साइबर ठगी का आरोपी लुधियाना से दबोचा, पुलिस ने 72 घंटे के अंदर किया गिरफ्तार, 5 दिन के पुलिस रिमांड के बाद आज जेल भेजा
Crime News; पंचकूला में साइबर अपराधियों द्वारा निवेश के नाम पर की गई एक बड़ी ठगी का खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर दोस्ती बढ़ाकर भोले-भाले लोगों को फंसाने वाले साइबर ठगों ने एक स्थानीय निवासी को स्टॉक मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 26 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत मिलते ही पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस हरकत में आई और सिर्फ तीन दिन के भीतर आरोपी को पंजाब के लुधियाना से दबोचा लिया।
पंचकूला निवासी एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे 2 अक्टूबर को फेसबुक पर एक व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट प्राप्त हुई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद आरोपी ने बातचीत बढ़ाई और स्टॉक मार्केट में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक मोबाइल एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया, जहां कई लोगों के माध्यम से फर्जी तरीके से भारी मुनाफे का विश्वास दिलाया गया। इसी तरीके से आरोपियों ने पीड़ित से कुल 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर 19 नवंबर को साइबर क्राइम थाना पंचकूला में केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ युद्धवीर सिंह की अगुवाई में एएसआई बृजेश सहित साइबर क्राइम टीम को जांच और आरोपी की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा गया। टीम ने जांच के आधार पर 22 नवंबर को पंजाब के लुधियाना में रेड कर मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह पुत्र स्व. सुरेन्द्र पाल सिंह, निवासी लुधियाना को मात्र तीन दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को 23 नवंबर को अदालत में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया। रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया कि ठगी की राशि में से 5 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुए थे। साथ ही, पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी में अन्य कई आरोपी भी शामिल हैं, जिन्हें तलाशने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है।
डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों से प्राप्त फ्रेंड रिक्वेस्ट, स्टॉक मार्केट में तेज मुनाफे के दावे और संदिग्ध एप डाउनलोड करने जैसी गतिविधियों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करे।