ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन कई हिंसक अपराधियों समेत 199 गिरफ्तार
Operation Hotspot Domination: हरियाणा पुलिस द्वारा 18 दिसंबर 2025 को राज्यभर में चलाया गया ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ अपराध के संगठित नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी के रूप में सामने आया है। प्रदेश के 919 चिन्हित आपराधिक ठिकानों (हॉटस्पॉट्स) पर एक साथ सघन कॉम्बिंग और छापेमारी की गई। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर, उनके पूरे आर्थिक और लॉजिस्टिक तंत्र को ध्वस्त करना रहा। दिनभर चली कार्रवाई में पुलिस ने कुल 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 58 फरार एवं हिंसक अपराधी तथा 9 अवैध हथियार रखने वाले आरोपी शामिल हैं।
नशा और अवैध शराब के नेटवर्क पर करारी चोट
अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध की गई कार्रवाई में पुलिस ने 316 लीटर देसी शराब, 105 लीटर लाहन तथा 20 किलोग्राम से अधिक अफीम की भूसी बरामद की। फतेहाबाद जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अकेले 20 किलोग्राम अफीम की भूसी जब्त की। इसके अतिरिक्त, ₹1 लाख से अधिक नकद राशि बरामद की गई, जिसमें सोनीपत जिला ₹63 हजार नकदी के साथ अग्रणी रहा। अभियान के दौरान दो कार, तीन दोपहिया वाहन, एक बस और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी जब्त की गईं।
कैथल में पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात को सुलझाते हुए ₹4.20 लाख नकद बरामद किए, जबकि पंचकूला में सोने की चेन, कार, मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन अपराधियों से जब्त किए गए। भिवानी पुलिस ने भी सक्रिय कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो गाड़ी, 300 किलोग्राम स्क्रैप और नकदी बरामद की।हथियारों की बरामदगी में 3 देसी कट्टे, 6 पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
गौतस्करों पर नूंह पुलिस का शिकंजा, गुरुग्राम और सिरसा का प्रभावी प्रदर्शन
नूंह जिले में पुलिस ने गौतस्करी के प्रयास को विफल करते हुए 25 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस (बीफ) बरामद किया और 4 गायों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। अपराध में प्रयुक्त 2 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और एक चाकू भी जब्त किया गया।
गिरफ्तारियों के मामले में गुरुग्राम पुलिस सबसे आगे रही, जहां 58 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें 15 फरार हिंसक अपराधी और 2 अवैध हथियार धारक शामिल हैं। वहीं सिरसा पुलिस ने सबसे अधिक 88 हॉटस्पॉट्स पर कार्रवाई कर 3 फरार हिंसक अपराधियों समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पानीपत में 77, जबकि सोनीपत और गुरुग्राम में 60-60 ठिकानों पर दबिश दी गई।
खाकी का मानवीय चेहरा: 703 जरूरतमंदों को राहत
सख्त कानून प्रवर्तन के साथ-साथ हरियाणा पुलिस ने अपने मानवीय दायित्वों का भी प्रभावी निर्वहन किया। कड़ाके की ठंड और विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे 703 जरूरतमंद नागरिकों को पुलिस ने सहायता प्रदान की। इसमें गुरुग्राम (159), कैथल (115) और सिरसा (70) में सबसे अधिक लोगों की मदद की गई। यह पहल दर्शाती है कि ऑपरेशन हॉटस्पॉट का उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को मजबूत करना भी है।
‘वर्क फ्रॉम होम’ ठगी का खुलासा, नागौर से आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद के साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के नागौर से खाताधारक रिछपाल को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि सेक्टर-19 निवासी एक महिला से ₹2.42 लाख की ठगी की गई थी। आरोपी ने अपना बैंक खाता ठगों को किराए पर दे रखा था। पुलिस रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
इंस्टाग्राम पार्ट-टाइम जॉब ठगी गिरोह बेनकाब
साइबर थाना एनआईटी की टीम ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर ठगी करने वाले जयपुर आधारित गिरोह के दो आरोपियों — सुजल सिंह राठौर और शिवम चावला को गिरफ्तार किया। एनआईटी-5 निवासी महिला से ₹1.26 लाख की ठगी की गई थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पंचकूला में कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस सहित एक खतरनाक अपराधी अमन को गिरफ्तार किया। आरोपी ट्राइसिटी में सक्रिय स्नैचिंग गिरोह का सदस्य है और उत्तर प्रदेश के इटावा में हत्या के प्रयास के मामले में भी वांछित था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और हथियार सप्लायर्स की तलाश में जुटी है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 की बड़ी सफलता, ₹58 लाख से अधिक राशि बचाई
राज्य साइबर टीम ने हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त 306 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों द्वारा की गई ₹1.32 करोड़ की धोखाधड़ी में से ₹58.46 लाख की राशि को समय रहते फ्रीज करा लिया। इस दौरान 15 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 493 मोबाइल नंबर और 83 आईएमईआई नंबर स्थायी रूप से ब्लॉक किए गए।
‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ हरियाणा पुलिस की अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त प्रमाण है, जो संगठित अपराध, नशा तस्करी और साइबर ठगी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है।