Panchkula Police; ड्रग तस्करी पर वार, 296 ग्राम हेरोइन के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार,आरोपी 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
Panchkula Police Action Against Drug Smugglers:– नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही पंचकूला पुलिस ने नए साल की शुरुआत भी बड़ी कार्रवाई के साथ की है। बीते वर्ष नशा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाने के बाद, वर्ष के पहले ही दिन पुलिस ने भारी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई करने के उद्देश्य से मौजूद एक तस्कर को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है।
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 1 जनवरी को क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक युवक आई-20 कार में सवार होकर सेक्टर-15 सब्जी मंडी क्षेत्र में हेरोइन के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज की अगुवाई में इंचार्ज दलीप सिंह की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और युवक को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 296.92 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जिला हरिद्वार, उत्तराखंड का रहने वाला है। वर्तमान में वह जीरकपुर, मोहाली में किराये के मकान में रहकर नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त था। पुलिस ने आरोपी को आज माननीय अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद नशा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था।
वर्ष 2025 में नशे के खिलाफ रही प्रभावी कार्रवाई
एसीपी क्राइम के अनुसार, उच्च अधिकारियो के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान नशा तस्करी की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कार्य किया। हमारा मानना है कि नशा अपराध की एक बड़ी वजह है, क्योंकि नशे की लत की पूर्ति के लिए व्यक्ति अपराध की राह पकड़ लेता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने न केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की, बल्कि नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में पंचकूला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े कुल 124 मामले दर्ज कर 255 तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि वर्ष 2024 में 118 मामलों में 208 तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी।
वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा लगभग 246 किलो चूरा पोस्त, 13 किलो से अधिक अफीम, 1 किलो 930 ग्राम हेरोइन, 17 किलो से अधिक चरस तथा 20,410 नशीली गोलियां बरामद की गईं। इसके मुकाबले वर्ष 2024 में 33 किलो चूरा पोस्त, 4.5 किलो अफीम, 996 ग्राम हेरोइन और 4 किलो से अधिक चरस की बरामदगी हुई थी।
‘नशा और हिंसा मुक्त – मेरा गांव मेरी शान’ अभियान से जनभागीदारी
पंचकूला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “नशा और हिंसा मुक्त – मेरा गांव मेरी शान” अभियान के तहत 2 दिसंबर से अब तक जिले के 551 गांवों व कॉलोनियों में पहुंचकर 27,235 लोगों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान पुलिस ने 2,955 नशा तस्करों की पहचान की और चिकित्सीय टीम की सहायता से 2,736 नशा पीड़ितों का उपचार शुरू करवाया। साथ ही 132 नशा पीड़ितों को पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कर उनका इलाज भी सुनिश्चित किया गया।
नशे की कमाई पर बुलडोजर और संपत्ति अटैचमेंट की कार्रवाई
वर्ष 2025 में पंचकूला पुलिस ने नशे की कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी कड़ा प्रहार किया। पुलिस ने 6 नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 2 थी। इसके अलावा वर्ष 2025 में 4 नशा तस्करों की संपत्तियों को अटैच किया गया, वहीं वर्ष 2024 में 2 तस्करों की संपत्तियां अटैच की गई थीं।
करीब पौने 6 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और मजबूत करते हुए वर्ष 2025 में पंचकूला पुलिस ने बागवाला क्षेत्र स्थित हाईजीन फैक्ट्री में करीब पौने 6 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को नष्ट किया। यह सामग्री 123 मामलों में बरामद की गई थी, जिनमें 68 किलो गांजा, 108 किलो चूरा पोस्त, 9 किलो अफीम के पौधे, 3 किलो अफीम, 2.8 किलो चरस, 654 ग्राम हेरोइन, 0.69 ग्राम कोकीन तथा 54,882 नशीली गोलियां शामिल थीं। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
वर्ष 2026 में क्या रहेगी रणनीति
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि वर्ष 2026 में पंचकूला पुलिस की ड्रग्स के खिलाफ रणनीति पूरी तरह स्पष्ट और सख्त है। हमारा उद्देश्य केवल नशेड़ियों को पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नशा नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। जिसमें क्राइम यूनिट्स, थाना-चौकी टीम, एंटी नारकोटिक्स यूनिट, मुखबिर, बीट पुलिस और सीसीटीवी की अहम भूमिका रहेगी। जिलों और राज्यों के बीच सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जाएगा।
नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे तथा माता-पिता और शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
‘नशा और हिंसा मुक्त – मेरा गांव मेरी शान’ अभियान के तहत इस वर्ष भी पिछले वर्ष की भांति नशे के आदी लोगों को अपराधी नहीं, बल्कि मरीज मानते हुए उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़ा जाएगा और इलाज के बाद भी निरंतर निगरानी व सहयोग दिया जाएगा। समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मोहल्ला समितियों, ग्राम स्तर की निगरानी और सामाजिक लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन और कूरियर के जरिए होने वाली नशे की तस्करी पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस कर्मियों को एनडीपीएस एक्ट का नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा और बेहतर कार्य करने वाली टीमों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज का बयान: पंचकूला पुलिस की स्पष्ट नीति है, नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना, नशा तस्करों की अवैध कमाई पर सीधा प्रहार करना और नशा पीड़ितों को इलाज व पुनर्वास से जोड़ना। वर्ष 2026 में हमारी लड़ाई केवल तस्करों से नहीं, बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क से होगी। इस अभियान में समाज की भागीदारी सबसे अहम है। जनता के सहयोग से ही हम पंचकूला को नशा और हिंसा मुक्त जिला बना सकते हैं
पुलिस की अपील: आम नागरिक ड्रग्स से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए पंचकूला पुलिस ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100, 7087081048 अथवा मानस हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क कर सकते हैं पुलिस आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।