ईरान में बढ़ता विरोध प्रदर्शन, ट्रंप ने कर दिया बड़ा ऐलान, कहा- ईरान आजादी मांग रहा है और अमेरिका…
Trump on Iran Protest: ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका दखल देगा और उस देश पर ऐसी जगह हमला करेगा जहां उसे सबसे ज़्यादा दर्द होगा।
Iran Protest: ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक से गुजर रहा है। देशभर में भड़के सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने लोगों पर गोली चलाई तो अमेरिका जवाब देगा।
इसके साथ ही ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान आजादी मांग रहा है। शायद पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।’ इससे सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका खामेनेई सरकार के खिलाफ ईरान में सैन्य ऑपरेशन शुरू कर सकता है।
इतना ही नहीं ट्रंप ने रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की एक पोस्ट भी रीशेयर की, जो विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पोस्ट का जवाब दे रहे थे, जिसमें कहा- “संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों का समर्थन करता है”।
ग्राहम ने कहा, “बहुत बढ़िया रुबियो। जब ईरानी अयातुल्ला और उसके धार्मिक नाज़ी गुंडों के सामने खड़े होने और बेहतर ज़िंदगी के लिए विरोध कर रहे ईरान के लोगों के साथ खड़े होने की बात आती है, तो यह सच में ओबामा प्रशासन जैसा नहीं है। शासन के नेताओं से: ईरान के महान लोगों के खिलाफ आपकी क्रूरता को चुनौती दिए बिना नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान को फिर से महान बनाओ।”
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान के हालात पर बहुत करीब से नज़र रखी जा रही है और उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका दखल देगा और उस देश पर ऐसी जगह हमला करेगा जहां उसे सबसे ज़्यादा दर्द होगा।
खामेनेई ने ट्रंप को कहा तानाशाह
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को कहा था कि ट्रंप को पहले अपना देश संभालना चाहिए। उन्होंने ट्रंप को तानाशाह बताते हुए कहा था कि उनका हाल भी पहलवी जैसा ही होगा।
देश में इंटरनेट बंद
प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरान ने देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन लागू कर दिया है। इंटरनेट मॉनिटर नेटब्लॉक्स और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। एमनेस्टी के अनुसार इंटरनेट बंद करने का मकसद हिंसा और मौतों की असली तस्वीर दुनिया से छिपाना है। नॉर्वे स्थित एनजीओ ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ ने बताया कि मरने वालों में कम से कम नौ बच्चे शामिल हैं।
भारत ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
इस बीच भारत ने भी स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। तेहरान समेत कई बड़े शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगा रहे हैं।
ईरान में 28 दिसंबर को तब प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जब तेहरान के बाजार के दुकानदारों ने गिरती करंसी को लेकर विरोध शुरू कर दिया था। लोगों का कहना है कि इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार में अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो गई है। लोगों का दावा है कि अब एक डॉलर की कीमत 14 लाख ईरानी रियाल तक पहुंच गई है। तेहरान के बाजार से शुरू हुआ प्रदर्शन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों तक फैल चुका है। बताया जा रहा है कि ईरान के 100 से ज्यादा शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।