वार्डबंदी मामलों पर हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई। चुनावी प्रक्रिया पर लगी रोक बरकरार: एन के वर्मा
आज वार्डबंदी से संबंधित लगभग 20 से अधिक याचिकाओं की सुनवाई माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राज्य के चीफ सेक्रेटरी द्वारा अब तक अपना एफिडेविट दाखिल नहीं किया गया है, जिस पर कोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान लिया।
सुनवाई के दौरान कई याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए एडवोकेट एन. के. वर्मा ने माननीय कोर्ट को अवगत कराया कि राज्य के 9 नगर निगमों गुरदासपुर, पठानकोट, बठिंडा, कपूरथला, होशियारपुर, मोहाली, फाजिल्का, मोगा और बरनाला सहित 100 से अधिक नगर परिषदों व नगर समितियों का कार्यकाल फरवरी से मई 2026 के बीच समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में सरकार किसी भी समय इन निकायों के चुनाव की घोषणा अथवा अधिसूचना जारी कर सकती है।
एडवोकेट एन. के. वर्मा ने दलील दी कि यदि वार्डबंदी विवाद लंबित रहते हुए चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, तो इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी बल्कि बाद में गंभीर संवैधानिक जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय हाईकोर्ट ने सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व में लगाई गई रोक के अंतर्गत अगली सुनवाई की तारीख तक राज्य सरकार किसी भी प्रकार की चुनावी अधिसूचना या चुनाव की घोषणा नहीं करेगी। साथ ही कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिए कि वे शीघ्र अपना एफिडेविट दाखिल कर अपना पक्ष स्पष्ट करें।
हाईकोर्ट के इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि जब तक वार्डबंदी से जुड़े मामलों का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वर्ष 2026 में होने वाले नगर निगमों और नगर समितियों के चुनावों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी।