अमेरिका, इजरायल, ईरान युद्ध पर बोले : भारत ने हमेशा संयम बरता, रूस-युक्रेन युद्ध के दौरान भी भारत की नीति युद्ध से दूर रहने की रही : सांसद धर्मबीर सिंह
भिवानी, 03 मार्च : हरियाणा सरकार ने वर्तमान बजट में पहली बार आर्गेनिक खेती तथा जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपये की व्यवस्था की है, ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रह सकें। इसके लिए आर्गेनिक उत्पादों की लैबोरेट्री में चैकिंग होगी तथा प्रदेश में जैविक तथा आर्गेनिक उत्पादों की मंडियों का निर्माण किया जाएगा।
इसकी व्यवस्था बजट में की गई है। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद धर्मबीर सिंह ने भिवानी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में हरियाणा बजट उपरांत पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इसके साथ ही प्राकृतिक व जैविक खेती की ब्रांडिंग के लिए 20 हजार रूपये की सहायता राशि भी किसानों को दी जाएगी।
इस मौके पर सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर वर्ग के अनुकूल बजट पेश किया है। इस बजट के दौरान प्रदेश के 5 हजार के लगभग लोगों की राय भी ली गई। जहां विपक्षी दल कर्ज अधिक होने की बात कहते है, ऐसे में जीडीपी के हिसाब के ग्रोथ को देखते हुए ऋण बीजेपी सरकार ने कम लिया है। कांग्रेस के समय में जहां यह जीडीपी के हिसाब से 2.88 प्रतिशत था, अब यह बीजेपी के समय में घटकर 2.65 रह गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के लोगों की वार्षिक आय राष्ट्रीय औसत से भी ऊपर है, जो प्रदेश की उन्नति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए एआई, एमएसएमई व स्वरोजगार पर युवाओं को ध्यान देना चाहिए। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग में वॉटर हैरवेस्टिंग तथा वॉटर लॉगिंग के लिए 4 हजार करोड़ से अधिक धन का प्रावधान बजट में किया है, जिसका विशेष प्रयोग बाढ़ नियंत्रण व नहरों के जीर्णोद्धार के लिए किया जाएगा। सांसद ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बजट में पहली बार 28 से 30 करोड़ रूपये का प्रावधान इस प्रकार से किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कही भी किसी कार्य की आवश्यकता पड़ेगी तो इस बजट से जरूरत के अनुसार कार्य करवाए जा सकेंगे।
सांसद धर्मबीर सिंह ने ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध को लेकर कहा कि भारत का स्पष्ट रूख है कि विश्व में शांति रहे तथा भारत संतुलन बनाकर चलने वाला देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी विचारधारा पर आगे चल रहा है। भारत में यूक्रेन-रशिया युद्ध के समय भी अपने आप को युद्ध से अलग से रखा था। जाट आरक्षण के समय 55 से अधिक युवाओं को कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु ने इस मामले पर समझौता करके अच्छा कार्य किया तथा इस प्रकार के मामले आपसी भाईचार से निपट भी जाने चाहिए।