होटल ढाबों में कमर्शियल गैस की किल्लत, औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में कम्पनी कर रही गैस रिफलिंग से इंकार
Himachal Pradesh commercial gas shortage; हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में कमर्शियल गैस सिलेंडर की रिफिलिंग को लेकर विकट स्थिति पैदा हो गई है जिसके कारण होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की चिंता बढ़ चुकी है। बद्दी में मौजूद गैस कंपनियां फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर को भरने से इनकार कर रही है जिसके कारण कई वाहनों को खाली ही वापस लौटना पड़ रहा है।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब भारत की घरेलू व्यवस्था पर दिखने लगा है।कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से कई देशों की सरकार सतर्क को गई है। वहीं हिमाचल में भी रसोई गैस की आपूर्ति और खपत पर कड़ी नजर रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि सोलन में अभी घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों को भरने से गैस कंपनियां इनकार कर रही है।
डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि समाचार माध्यमों के जरिए कमर्शियल गैस की संभावित कमी की जानकारी उन्हें मिली है जिसको लेकर तेल कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों में शॉर्टेज देखी जा रही है।उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल लेवल पर स्थिति की वजह से सप्लाई में असर जरूर पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले लोग पैनिक ना हो, उन्होंने कहा कि जब तक कंपनी की तरफ से कोई भी बात नहीं हो जाती है तबतक कुछ नहीं कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा की सप्लाई में दिक्कत हो सकती है लेकिन फिर भी प्रशासन और सरकार इसको लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस संबंध में ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क साधने का प्रयास कर रहा है, ताकि सप्लाई में आ रही बाधा के कारणों का पता लगाया जा सके और समाधान निकाला जा सके।
डीसी मनमोहन शर्मा ने स्पष्ट किया कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और इसकी कोई कमी नहीं है। उन्होंने होटल, ढाबा संचालकों और व्यापारियों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और अगले एक-दो दिनों में हालात की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करेगा।