युवाओं को अनुशासन, चरित्र निर्माण, नेतृत्व व देशभक्ति की शिक्षा देने में एनसीसी की अहम भूमिका : डीजी वत्स

भिवानी, 25 मार्च : देश के युवाओं के बीच अनुशासन, चरित्र, नेतृत्व व देशभक्ति विकसित करने का कार्य करने वाला राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) अब देश के युवाओं को अब युवाओं को ड्रोन ट्रेनिंग व साईबर ट्रेनिंग देने का कार्य करेगा। ड्रोन ट्रेनिंग के लिए तीन कैंप की स्थापना की जा चुकी है तथा देश […]
Khushi
By : Updated On: 25 Mar 2026 14:30:PM
युवाओं को अनुशासन, चरित्र निर्माण, नेतृत्व व देशभक्ति की शिक्षा देने में एनसीसी की अहम भूमिका : डीजी वत्स

भिवानी, 25 मार्च : देश के युवाओं के बीच अनुशासन, चरित्र, नेतृत्व व देशभक्ति विकसित करने का कार्य करने वाला राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) अब देश के युवाओं को अब युवाओं को ड्रोन ट्रेनिंग व साईबर ट्रेनिंग देने का कार्य करेगा। ड्रोन ट्रेनिंग के लिए तीन कैंप की स्थापना की जा चुकी है तथा देश में 12 साईबर लैब विभिन्न एनसीसी अकादमी के माध्यम से संचालित की जा रही है।

यह बात देश के एनसीसी के डायरेक्टर जनरल लेफ्टीडेंट जनरल विरेंद्र वत्स ने भिवानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। इस मौके पर एनसीसी के डायरेक्टर जनरल ने भिवानी के वैश्य कॉलेज में हरियाणा की 11वीं एनसीसी बटालियन द्वारा आयोजित राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर कार्यक्रम में भाग लिया तथा युवा कैडेट को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।

इस मौके पर एनसीसी के डायरेक्टर जनरल लेफ्टीडेंट जननल विरेंद्र वत्स ने बताया कि भारत देश में एनसीसी के 100 गु्रप है। जिनमें 12 गु्रपस के लिए अकेडमी फंक्शनल तौर पर कार्य कर रही है। जिनमें युवाओं को एनसीसी की बेसिक ट्रेनिंग के साथ ही राष्ट्रीय एकता व अखंडता का पाठ पढ़ाया जाता है। साथ ही अब साईबर व ड्रोन की ट्रेनिंग भी शुरू की गई है। इसके अलावा 30 से 35 गु्रपस के लिए इंस्फ्रास्ट्रचर देश में तैयार किया जा रहा है। एक गु्रप के लिए फंक्शनल एकेडमी बनाने में 50 से 100 करोड़ के बीच खर्च आता है।

इस खर्च को वहन करने में राज्य सरकारों की अहम भूूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे देश में एनसीसी के सभी 100 गु्रपस के लिए मूलभूत ढ़ांचा तैयार हो जाएगा। उन्होंने ड्रोन ट्रेनिंग के लिए तीन एडवांस ट्रेनिंग कैंप तैयार किए गए है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार साईबर ट्रेनिंग बदलते समय के अनुसार युवाओं को एनसीसी के माध्यम से दी जा रही है, उसके बाद एनसीसी नेशनल कैडेट कोर अब नेशनल साईबर कोर के रूप में बदल रहा है, जो समय की जरूरत भी है।

उन्होंने कहा कि 1948 में एनसीसी की स्थापना हुई थी। जिसके बाद से ट्रेनिंग में बहुत से बदलाव किए गए। वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने में नई तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। इसी के चलते ड्रोन ट्रेनिंग कार्यक्रम एनसीसी में इटरडयूस किए गए है तथा यह समय के साथ होने वाला जरूरी बदलाव है।

इस मौके पर एनसीसी से जुडे सार्जेंट रोहित व हर्ष ने बताया कि आज देश के एनसीसी प्रमुख लेफ्टीडेंट जनरल विरेंद्र वत्स ने उनके कैंप में पहुंचकर राष्ट्र निर्माण, अनुशासन व नेतृत्व व देशभक्ति से जुड़े बिंदुओं पर उनसे चर्चा की है। किस प्रकार से वे अपनी ट्रेनिंग को आगे बढ़ाते हुए देश के लिए प्रयोग कर सकते है, इस बात पर उन्होंने बताया है।  

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad