Banner
Banner

देश-प्रदेश में तेल और गैस संकट का असर आम लोगों पर पड़ रहा, सरकार संभाले व्यवस्था – दुष्यंत चौटाला    

चंडीगढ़, 27 मार्च। हरियाणा में प्राइवेट बैंकों के जरिए सैकड़ों करोड़ों रुपए के सरकारी फंड के गबन करने के मामलों को पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने इसे मल्टी स्टेट स्कैम करार देते हुए कहा कि इस बड़े घोटाले की जांच हर हाल में उच्च स्तरीय ही होनी चाहिए। दुष्यंत चौटाला […]
Khushi
By : Updated On: 27 Mar 2026 17:15:PM
देश-प्रदेश में तेल और गैस संकट का असर आम लोगों पर पड़ रहा, सरकार संभाले व्यवस्था – दुष्यंत चौटाला    

चंडीगढ़, 27 मार्च। हरियाणा में प्राइवेट बैंकों के जरिए सैकड़ों करोड़ों रुपए के सरकारी फंड के गबन करने के मामलों को पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने इसे मल्टी स्टेट स्कैम करार देते हुए कहा कि इस बड़े घोटाले की जांच हर हाल में उच्च स्तरीय ही होनी चाहिए।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा की एक विजिलेंस ब्यूरो कई राज्यों के स्कैम को किसी हालात में मॉनिटर नहीं कर सकता है इसलिए इस महाघोटाले की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का शामिल होना जरूरी है। पूर्व डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने इस स्कैम की केंद्रीय जांच के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और यह मांग उठाई थी कि इस बड़ी गड़बड़ी की सीबीआई और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी के फंड गड़बड़ी के तार भी इस घोटाले के साथ जुड़े नजर आए है और बैंकों की संख्या भी दो से बढ़कर तीन हो गई है। ऐसे में सरकार को इस घोटाले की गंभीरता को समझना चाहिए क्योंकि यह 590 करोड़, 700 करोड़ या फिर हजार करोड़ रुपए का ही घोटाला नहीं लग रहा है, जब पूरे भारत में इसकी जांच होगी तो यह बहुत बड़ा स्कैम निकलेगा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जेजेपी मांग करती है कि केंद्र सरकार को सार्वजनिक धनराशि से संबंधित इन गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की मॉनिटरिंग सीबीआई और  एसएफआईओ से करवानी चाहिए।

वहीं अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण देश एवं प्रदेश में गैस और तेल की किल्लत की समस्या पर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर तेल और गैस खरीदने के कारण जो हालात देश में पैदा हुए है, वे सबके सामने है। दुष्यंत ने कहा कि आज देश के अनेक राज्यों से तेल और गैस संकट की तस्वीरें सामने आ रही है, जो कि कोरोना से बड़े आपातकाल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में भी ऊर्जा जरूरतों की कमी नहीं रही थी, लेकिन आज घरों के चूल्हों और वाहनों के संचालन पर संकट मंडराया हुआ है। आज गैस की कमी के चलते गांव के लोग लकड़ी की आग से रोटी बनाने को मजबूर है। दुष्यंत ने कहा कि सरकार गैस की आपूर्ति पूरी करने की बजाय राशन डिपो पर केरोसिन तेल बांटने की बात कह रही है, जो कि साफ तौर पर गैस और तेल के संकट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसको गंभीरता से लेते हुए तेल-गैस के प्रबंधन को संभाले और कालाबाजारी पर लगाम लगाएं ताकि जनता पर भारी आर्थिक बोझ न पड़े।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad