शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 800 पॉइंट टूटा, IT शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूबे!
पिछले 5 दिनों से लगातार चल रही तेजी पर ब्रेक लगाते हुए, शुक्रवार (19 जून) को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर के शेयरों में आई जबरदस्त बिकवाली के कारण कुछ ही घंटों में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए और बाजार के मुख्य सूचकांक (indices) तेजी से नीचे आ गए।
दोपहर 11:32 बजे, BSE सेंसेक्स 801 पॉइंट (1.03%) की गिरावट के साथ 76,608.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, NSE निफ्टी 50 भी 215.70 पॉइंट (0.89%) टूटकर 23,952.30 पर आ गया, जो कि 24,000 के बेहद महत्वपूर्ण स्तर से नीचे है।
IT सेक्टर में क्यों आया भूचाल? बाजार में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल IT कंपनी एक्सेंचर (Accenture) की ताजा रिपोर्ट रही। एक्सेंचर ने भविष्य में आईटी सेवाओं की मांग घटने की आशंका जताई है और अपनी विकास दर (growth guidance) के अनुमान को घटा दिया है। इस वजह से भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस को लेकर निवेशक डर गए और उन्होंने आईटी शेयरों को बेचना शुरू कर दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.29% तक गिर गया, जिसमें इन्फोसिस (Infosys) सबसे ज्यादा 7.76% और टीसीएस (TCS) 5.74% तक टूट गई। टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक में भी भारी गिरावट रही।
किन शेयरों को हुआ नुकसान और कौन से फायदे में रहे?
- नुकसान वाले (Top Losers): इन्फोसिस और टीसीएस के अलावा टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर और SBI के शेयर भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे।
- मुनाफे वाले (Top Gainers): बाजार की इस गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों में हरियाली रही। NTPC में 1.34% का उछाल आया, जबकि भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, टाइटन, पावर ग्रिड, सन फार्मा और आईसीआईसीआई बैंक फायदे में चल रहे थे।
छोटे और मिड-कैप शेयरों में मजबूती भले ही बड़ी आईटी कंपनियों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट रही, लेकिन छोटी कंपनियों के शेयरों (Broader Market) में अब भी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.28% और माइक्रोकैप 250 में 0.50% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे साफ है कि बिकवाली का असर सिर्फ बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों तक ही सीमित था। इसके अलावा, निवेशकों ने फार्मा (Pharma), हेल्थकेयर और मीडिया जैसे सुरक्षित सेक्टर्स में पैसा लगाना शुरू कर दिया है।
रिलायंस AGM पर नजरें बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच आज होने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की सालाना आम बैठक (AGM) पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि मुकेश अंबानी नई ऊर्जा (New Energy), रिटेल कारोबार और जियो (Jio) के IPO को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय बाजार जानकारों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते और समुद्री रास्ते (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से कच्चे तेल की कीमतें 74-76 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। भले ही विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, लेकिन घरेलू निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी करके भारतीय बाजार को संभाल रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, आईटी शेयरों में आई यह गिरावट शॉर्ट-टर्म के लिए है और बाजार के निचले स्तर पर आने पर खरीदारी करने का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
मुख्य
- बड़ी गिरावट: सेंसेक्स में 800 से ज्यादा पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई।
- 2 लाख करोड़ का नुकसान: कुछ ही घंटों के कारोबार में निवेशकों की करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई।
- IT सेक्टर क्रैश: एक्सेंचर के खराब अनुमानों के कारण इन्फोसिस 7.76% और टीसीएस 5.74% तक टूटे।
- घरेलू निवेशकों का सहारा: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थाओं (DIIs) ने बाजार में 3,516 करोड़ रुपये की खरीदारी की।