कैथल जिला परिषद की बड़ी पहल: गांवों की फिरनी पर लगेंगी 90 वाट की एलईडी स्ट्रीट लाइटें
जिला परिषद के प्रयासों से जगमगाएंगे 35 गांव, बजाज कंपनी की आधुनिक लाइटों से बढ़ेगी सुरक्षा और सुंदरता
पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता अंकुर गर्ग का बयान: सातों सब-डिवीजनों की जांच में नहीं मिला कोई खुला बोरवेल
कैथल: हरियाणा के कैथल जिला परिषद द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़े अभियानों पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिला परिषद गांवों के सौंदर्यीकरण के लिए जहां आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगवा रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा के लिए खुले बोरवेलों को बंद कराने का काम भी युद्ध स्तर पर किया गया है।
चार चरणों में जगमगाएंगे गांव, 90 वाट की लगेंगी स्ट्रीट लाइटें
कैथल पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता अंकुर गर्ग ने बताया कि जिला परिषद द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। इसके तहत गांवों की फिरनी (गांव के चारों ओर का रास्ता) पर बजाज कंपनी की 90 वाट की उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी (LED) स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं।
इस पूरी परियोजना को चार चरणों (फेज) में बांटा गया है:
- प्रथम चरण (फेज-1): पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके तहत जिले के 35 गांवों में कुल 1,789 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे रात के समय ये गांव रोशनी से सराबोर हो रहे हैं।
- द्वितीय चरण (फेज-2): दूसरे चरण का काम वर्तमान में प्रगति पर है। इस चरण में भी 35 गांवों का चयन किया गया है, जहां 1,334 स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। प्रक्रिया पूरी होते ही यहां भी काम शुरू हो जाएगा।
ग्रामीणों का सहयोग: इस अभियान को सफल बनाने में ग्राम सचिवों, सरपंचों और स्थानीय ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आधुनिक लाइटें लगने से न केवल रात का आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि ग्रामीण परिवेश भी सुंदर दिखेगा।
सुरक्षा सर्वोपरि: सातों सब-डिवीजनों में खुले बोरवेल बंद
बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोकने और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिला परिषद ने एक विशेष अभियान चलाया। इस संबंध में जिले के सभी सातों सब-डिवीजनों के एसडीओ (SDO) को लिखित निर्देश जारी किए गए थे कि वे ग्राम सचिवों और सरपंचों के माध्यम से हर गांव की जांच करें।
जांच रिपोर्ट में राहत:
कार्यकारी अभियंता ने बताया कि सातों सब-डिवीजनों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश देकर मौके पर निरीक्षण किया। राहत की बात यह है कि निरीक्षण के दौरान किसी भी गांव में कोई भी बोरवेल खुला नहीं पाया गया। इससे साफ है कि जिला प्रशासन और पंचायतों ने इस विषय पर गंभीरता से काम किया है।
आधिकारिक बयान (बाइट)
“कैथल जिला परिषद द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों की फिरनी पर बजाज कंपनी की 90 वाट की आधुनिक एलईडी लाइटें लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे पहले चरण में 35 गांव जगमगा चुके हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी सातों सब-डिवीजनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां फिलहाल कोई भी बोरवेल खुला नहीं मिला है।”
— अंकुर गर्ग, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज, कैथल